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एम्स और आयुष मंत्रालय ने पहली बार ‘रन फॉर आयुर्वेद’ का आयोजन किया

नई दिल्‍ली (आधुनिक इंडिया संवातदाता) छात्र, युवा, स्‍वास्‍थ और फिटनेस के प्रति उत्‍साही लोगों सहित लगभग 3000 लोगों ने दिल्‍ली के जवाहर लाल नेहरू स्‍टेडियम में ‘रन फॉर आयुर्वेद’ कार्यक्रम में हिस्‍सा लिया। इसका आयोजन अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्‍थान (एआईआईए) द्वारा आयुर्वेद मंत्रालय, योग और प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी (आयुष) के तहत पहली बार किया गया था।
इस कार्यक्रम को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार ), आयुष मंत्रालय, श्रीपद येसो नाइक ने झंडा दिखाकर रवाना किया, इस कार्यक्रम में प्रोफेसर डॉ. तनुजा मनोज नेसारी, निदेशक, एआईआईए, आयुष मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव श्री पीके पाठक, आयुष मंत्रालय के सचिव, श्री यश वीर सिंह, डीजी सीसीआरएच डॉ आरके मनचंदा, डिप्‍टी डीजी सीसीआरएएस डॉ. एन श्रीकांत और लीबिया और जॉर्डन में भारत के पूर्व राजदूत, श्री अनिल त्रिगुणायत, और डॉ मनोज नेसारी, सलाहकार (आयुर्वेद) सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों उपस्थित रहे। एशियाई मैराथन चैंपियन सुनीता गोदरा ने आयोजन को व्यवस्थित करने में मदद करके अमूल्य योगदान दिया, जबकि प्रमुख संगठनों जैसे मुल्‍तानी फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड, श्री धूतापेपेश्‍वर लिमिटेड, एमिल फार्मास्यूटिकल्स (आई) लिमिटेड ने तहे दिल से इस कार्यक्रम का समर्थन किया।

इस अवसर पर प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए, राज्य मंत्री (आईसी), आयुष मंत्रालय, श्री श्रीपद येसो नाइक ने कहा, “भारतीय चिकित्सा विज्ञान में आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए ऐसी शानदार उपस्थिति को देखना उत्साहजनक है, जिसे हाल के वर्षों में जरूरी ध्‍यान नहीं मिल पाया था, ऐसे में सत्ता में आने के मात्र 6 महीने के भीतर, वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली वर्तमान सरकार ने आयुष को एक स्वतंत्र मंत्रालय बना दिया। दवाइयों की इस प्रणाली का वर्षों से अभ्यास किया जा रहा था, जिसे कई सालों से दबाया जा रहा था। हालांकि, अब हमने इस विज्ञान को पुनर्जीवित करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। पिछले 4 वर्षों में, हमने इस क्षेत्र में अच्छी प्रगति की है, और नतीजतन, अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्‍थान जैसी बड़ी संस्था स्थापित करने में सक्षम हुए हैं। आयुर्वेद और अन्य भारतीय चिकित्सा विज्ञान को प्रोत्साहित करने के लिए हम विभिन्न शहरों में अधिक से अधिक संस्थान स्थापित करने की कल्पना करते हैं। “

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