ओडिशा के राज्य संचालित स्कूल में खाना खाने के बाद 100 से अधिक विद्यार्थी बीमार, एक की मौत; सीएम ने जांच के आदेश दिए
भुवनेश्वर, ओडिशा: राज्य के एक सरकारी स्कूल में परोसे गए भोजन के बाद सौ से अधिक छात्र बीमार हो गए, जिसमें एक छात्र की मृत्यु हो गई। इस गंभीर घटना के बाद राज्य सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं और मृत छात्र के परिवार को सात लाख रुपए का एक्स-ग्रेटिया राशि देने की घोषणा की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना रविवार को चली जब स्कूल प्रांगण में बच्चों को भोजन दिया गया। कुछ ही घंटों के भीतर दर्जनों छात्र बीमार होकर मेडिकल सहायता के लिए विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हुए। एक छात्र की स्थिति गंभीर बनी रही, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
सरकारी अधिकारियों ने बताया कि मृतक छात्र के परिवार को इस दुखद घटना को देखते हुए 7 लाख रुपये का आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इस मामले की जांच के लिए मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने उच्च स्तरीय जांच आयोग गठित कर दिया है।
घटना के बाद स्कूल के प्रधानाध्यापक जयंत कुमार पाणिग्रही को ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि उनकी जिम्मेदारी थी कि छात्रों को साफ-सुथरा और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराया जाए, लेकिन जांच से पता चला कि इस दिशा में उपेक्षा बरती गई।
स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञों ने अपने प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा है कि संभवतः भोजन में संदूषित या खराब सामग्री मिली हो सकती है, जिससे छात्रों को यह बीमारी हुई है। तथ्यों की पड़ताल जारी है और सभी प्रकार की खाद्य सामग्री का सैंपल जांच के लिए भेजा गया है।
वहीं, अभिभावकों और स्थानीय निवासियों में चिंता और आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने सरकार से सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटना न हो।
राज्य सरकार ने तत्काल राहत कार्य शुरू कर दिया है और प्रभावित छात्रों को चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने का भरोसा दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बक्शा नहीं जाएगा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी।
यह घटना सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्कूलों में खाद्य सुरक्षा के महत्व को एक बार फिर से सामने लाने वाली है। विशेषज्ञ बताते हैं कि बच्चों के भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता पर नियमित निगरानी आवश्यक है ताकि इस तरह की अप्रिय घटनाएं टाली जा सकें।
अगले कुछ दिनों में जांच रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और भी स्पष्ट हो सकेगी। तब तक सभी संबंधित पक्षों से संयम और सहयोग बनाए रखने की अपील की गई है।
