भारतीय मौसम विभाग ने मूसलाधार बारिश के लिए ‘ब्लॉक स्तर’ पूर्वानुमान प्रणाली जारी की
नई दिल्ली, भारत – भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने लंबे समय से किसानों को उनके कृषि कार्यों में सहायता प्रदान करने के लिए अत्यंत स्थानीय पूर्वानुमान विकसित करने का प्रयास किया है। इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में, आईएमडी ने अब मूसलाधार मानसून यात्रा के लिए ‘ब्लॉक स्तर’ तक के विस्तृत मौसम मॉडल का खुलासा किया है।
यह नवीनतम मौसम मॉडल किसानों को उनकी फसलों की बुवाई के सही समय को समझने में मदद करेगा, जिससे वे मृदा की नमी, तापमान और बारिश के सही समय के आधार पर अपनी खेती की योजना बना सकते हैं। स्थानीय स्तर पर सटीक मौसम पूर्वानुमान उपलब्ध कराने का उद्देश्य कृषि प्रगति में सुधार करना है और पानी के सीमित संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है।
आईएमडी के वैज्ञानिकों ने बताया कि इस मॉडल के माध्यम से n सिर्फ जिले या क्षेत्र के स्तर पर, बल्कि हर ब्लॉक के स्तर पर मौसम का पूर्वानुमान किया जाएगा। इससे किसानों को मिली जानकारी ज्यादा सटीक होगी और वे कुछ दिन पहले से ही मौसम में बदलाव का अंदाजा लगा कर अपनी फसल की बुवाई, सिंचाई और अन्य कृषि कार्यों का समय निर्धारित कर सकेंगे।
आईएमडी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रमेश कुमार ने कहा, “हमारे लिए यह हमेशा से प्राथमिकता रही है कि हम छोटे किसानों को भी लाभकारी मौसम सूचनाएं दें। ब्लॉक स्तर की यह सेवा किसानों को अपने खेतों के लिए सही समय पर निर्णय लेने में समर्थ बनाएगी, जो कि उनकी उत्पादकता बढ़ाने में सहायक होगा।”
मनसून की सही और समय पर जानकारी मिलने से न केवल फसलों की पैदावार बढ़ेगी, बल्कि इससे किसान प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव को भी कम कर सकेंगे। इस चरण में आईएमडी उपग्रह और मौसम स्टेशन से जुटाए गए आंकड़ों का उपयोग करता है ताकि सराहनीय हाइपर लोकल पूर्वानुमान तैयार किया जा सके।
भारत की कृषि मुख्य रूप से मानसून पर निर्भर है, इसलिए इस मॉडेल के आने से किसान सामाजिक और आर्थिक रूप से अधिक सुरक्षा महसूस करेंगे। इसके अलावा, इससे नीति निर्धारकों को भी बेहतर योजना बनाने में सहायता मिलेगी, जिससे कृषि विकास को मजबूती मिलेगी।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए यह एक महत्वपूर्ण तकनीकी प्रगति है, जो भारत के किसानों के लिए सुनहरा अवसर लेकर आई है। यह मासिक और साप्ताहिक पूर्वानुमान के अतिरिक्त स्थानिक सूचनाओं का ऐसा नेटवर्क पेश करता है, जो किसानों की जरूरतों के अनुसार पूरी तरह अनुकूलित है।
भारतीय मौसम विभाग इस तकनीक को और अधिक उन्नत बनाने और व्यापक स्तर पर कार्यान्वित करने के लिए निरंतर शोध कर रहा है, ताकि भारत के हर छोटे किसान तक मौसम की सटीक जानकारी पहुंच सके।
