केन कॉन्ग्रेस 2026 | नेपाल के अभिनाश बिक्रम शाह: मेरा लक्ष्य ‘वे’ से ‘हम’ तक पहुँचना है
काठमांडू, नेपाल – विश्व प्रसिद्ध कान्स फिल्म फेस्टिवल में नेपाली कलाकार अभिनाश बिक्रम शाह ने एक बार फिर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। 2022 में उनकी शॉर्ट फिल्म ‘लोरी’ को कान्स में स्पेशल जूरी मेंशन मिला था, वहीं अब वे अपनी पहली फीचर फिल्म ‘एलिफैंट्स इन द फॉग’ के साथ कान्स में ऐतिहासिक उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। यह फिल्म नेपाल के ट्रांसजेंडर समुदाय की जटिलताओं और चुनौतियों पर केंद्रित है।
‘एलिफैंट्स इन द फॉग’ एक संवेदनशील और प्रभावशाली चित्रण है, जो समाज के उस हिस्से की आवाज़ है जिसे आमतौर पर अनदेखा किया जाता है। अभिनाश बिक्रम शाह ने इस फिल्म के माध्यम से ट्रांस समुदाय की वास्तविकताओं को बड़े पर्दे पर प्रस्तुति दी है, जो ना केवल नेपाल में बल्कि वैश्विक स्तर पर समानता और मानवाधिकारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
अभिनाश का कहना है, “मेरी कोशिश है कि फिल्म के जरिये लोगों को यह समझाने का अवसर मिले कि हम सब एक समुदाय हैं। मेरा लक्ष्य ‘वे’ से ‘हम’ तक की दूरी को पाटना है। यह फिल्म सिर्फ ट्रांस लोग ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक दर्पण है।”
नेपाल की सिनेमा जगत में यह कदम विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह विषय परंपरागत नेपाली फिल्मों में विरल था। ट्रांसजेंडर समुदाय की समस्याओं को न्यायसंगत और मानवतावादी दृष्टिकोण से फिल्माने का यह प्रयास अभिनाश की बहादुरी और सामाजिक प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
फिल्म ने कान्स में न केवल आलोचकों से प्रशंसा प्राप्त की है बल्कि दर्शकों के दिलों को भी छू लिया है। कई फिल्म समीक्षकों ने ‘एलिफैंट्स इन द फॉग’ को 21वीं सदी की महत्वपूर्ण सामाजिक फिल्मों में गिना है, जो लिंग पहचान और समानता के मुद्दे को बेहद प्रभावशाली और गहराई से समझाती है।
अभिनाश बिक्रम शाह का यह काम नेपाल में ही नहीं, बल्कि दक्षिण एशिया के अन्य देशों में भी ट्रांस अधिकारों को लेकर संवाद और जागरूकता बढ़ाने में सहायक साबित होगा। उनकी कहानी और उनकी फिल्म उन लाखों लोगों की आवाज़ बनेगी जो अपनी पहचान और अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
कान्स 2026 में ‘एलिफैंट्स इन द फॉग’ की प्रस्तुति न केवल नेपाली सिनेमा का मान बढ़ाएगी बल्कि वैश्विक स्तर पर नेपाल की सांस्कृतिक और सामाजिक संवेदनशीलता को भी उजागर करेगी। यह फिल्म दर्शकों को सोचने पर मजबूर करेगी कि असल बदलाव समाज के सबसे कमजोर वर्गों को समझने और स्वीकारने से ही संभव है।
अभिनाश के अनुसार, “कान्स जैसे प्रतिष्ठित मंच पर अपनी फिल्म दिखाना एक सपना था, जो अब सच हो गया है। मैं चाहता हूं कि मेरी फिल्मों से समाज के लिए सकारात्मक बदलाव आए और सभी महसूस करें कि हम सब एक ही समुदाय के हिस्सा हैं।”
अंततः, अभिनाश बिक्रम शाह का यह कदम नेपाल के सिनेमा क्षेत्र में एक नई दिशा निर्धारित करता है और ट्रांस समुदाय के लिए सांस्कृतिक सहिष्णुता और समावेशन की नींव मजबूत करता है।
