अंधेरी नोड निकालने के लिए अपोलो हॉस्पिटल्स चेन्नई में रोबोटिक कैंसर सर्जरी सफलतापूर्वक की गई
चेन्नई, तमिलनाडु – अपोलो हॉस्पिटल्स चेन्नई में हाल ही में एक महत्वपूर्ण चिकित्सा उपलब्धि दर्ज की गई है, जहाँ पहली बार रोबोटिक तकनीक का इस्तेमाल कर कैंसर रोगियों की लिम्फ नोड निकालने की सर्जरी सफलतापूर्वक सम्पन्न की गई। यह उन्नत तकनीक पारंपरिक सर्जरी के मुकाबले कम जोखिम, कम दर्द और तेजी से ठीक होने की संभावना प्रदान करती है।
डॉक्टरों की टीम के अनुसार, लिम्फ नोड्स कैंसर के फैलाव का एक अहम माध्यम होते हैं और इनके हटाने से इलाज की प्रभावशीलता बढ़ती है। परंपरागत सर्जरी की तुलना में अब रोगी को कम समय तक अस्पताल में रहना पड़ता है और संक्रमण की संभावना भी काफी कम हो जाती है। अपोलो हॉस्पिटल्स के विशेषज्ञों ने इस तकनीक की सावधानीपूर्वक योजना और अभ्यास के माध्यम से इसे सफल बनाया है।
डॉ. आर. वेन्कटेश, जो इस सर्जरी के प्रमुख थे, ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी से सटीकता में काफी सुधार होता है। रोबोट के हाथों में लगे सूक्ष्म उपकरण सर्जनों को जटिल स्थानों तक आसानी से पहुंचने और संवेदनशील ऊतकों का संरक्षण करते हुए सर्जरी करने में मदद करते हैं। यह तकनीक उन मरीजों के लिए वरदान है जिन्हें पहले ऑपरेशन के बाद लंबे पुनर्वास की आवश्यकता पड़ती थी।
इस नई तकनीक से चेन्नई के ही नहीं, आसपास के राज्यों के मरीजों को भी राहत मिलने की उम्मीद है, जो अब बिना बड़े शहरों में प्रवेश किए भी उच्च स्तरीय कैंसर देखभाल प्राप्त कर सकेंगे। अपोलो हॉस्पिटल्स ने बताया कि वे इस सेवा का विस्तार अन्य कैंसर उपचार केंद्रों तक भी करेंगे ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में कैंसर रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है और ऐसे उन्नत विकल्पों की उपलब्धता इलाज के परिणामों को सुधारने में मदद करेगी। इसके साथ ही, यह तकनीक चिकित्सा क्षेत्र में नवीनता और शोध को भी बढ़ावा देगी।
अपोलो हॉस्पिटल्स के उपाध्याय श्रीमती मीना रेड्डी ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि हर मरीज को सर्वश्रेष्ठ और सुरक्षित चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाए। रोबोटिक कैंसर सर्जरी उसी दिशा में हमारा एक बड़ा कदम है।” इस पहल से चेन्नई स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में नए मानक स्थापित होंगे और मरीजों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा।
