नीट यूजी 2026: सुप्रीम कोर्ट आज एनटीए को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनेगा मामला

NEET UG 2026: Supreme Court to hear plea seeking dismantling of NTA today

नई दिल्ली, भारत

सुप्रीम कोर्ट में आज एक महत्वपूर्ण सुनवाई होनी है, जिसमें नीट यूजी 2026 से संबंधित नई योजना को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ता ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की परीक्षा प्रणाली को खत्म करने की मांग की है, जिसे लेकर कोर्ट का ध्यान इस मुद्दे की ओर केन्द्रित हो गया है।

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा आयोजित नीट (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा) पूरे देश में मेडिकल एवं डेंटल कॉलेजों में प्रवेश के लिए अनिवार्य परीक्षा है। लेकिन याचिकाकर्ता का आरोप है कि वर्तमान परीक्षा प्रणाली में कुछ गंभीर त्रुटियां हैं, जो छात्रों के हितों के खिलाफ हैं और इसे इस प्रकार से पुनः व्यवस्थित करने की आवश्यकता है।

याचिका में यह भी कहा गया है कि एनटीए की परीक्षा प्रणाली विद्यार्थियों के लिए अत्यधिक तनाव और असमानता पैदा करती है। इसके कारण अनेक प्रतिभाशाली उम्मीदवारों का नुकसान हो रहा है, जो छात्रों के भविष्य के लिए चिंता का विषय है। साथ ही, याचिकाकर्ता ने कोर्ट से आग्रह किया है कि वे इस परीक्षा प्रणाली को रद्द कर वैकल्पिक व्यवस्था लागू करें, जिससे शिक्षा क्षेत्र में समान अवसर सुनिश्चित हो सकें।

सुप्रीम कोर्ट इस मामले में सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद स्थिति का पूरी तरह से आंकलन करेगा। कोर्ट के फैसले का न केवल नीट परीक्षा प्रक्रिया बल्कि पूरे शैक्षणिक पेशे पर गहरा प्रभाव पड़ने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कोर्ट ने याचिका को स्वीकार कर लिया तो यह शिक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव लेकर आएगा।

वहीं, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने भी कहा है कि उनकी वर्तमान परीक्षा प्रणाली मानक और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए डिज़ाइन की गई है। एनटीए का कहना है कि किसी भी प्रकार के बदलाव से पहले प्रणाली की गहन समीक्षा आवश्यक है और वह कोर्ट के आदेशों का पालन करने के लिए तैयार है।

नीट परीक्षा को लेकर विद्यार्थियों और अभिभावकों में भी बहुत बेचैनी है। वे चाहते हैं कि परीक्षा प्रणाली ऐसी हो जिसमें सभी को समान अवसर मिले और प्रतिस्पर्धा स्वस्थ बनी रहे। इस संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इस सुनवाई के फलस्वरूप आने वाले दिनों में नीट परीक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव संभव है, जिसकी जानकारी सभी हितधारकों को उपलब्ध कराई जाएगी। फिलहाल, देश भर के छात्र और शिक्षण संस्थान इस मामले पर कोर्ट के निर्णय का इंतजार कर रहे हैं।

Source