CBSE ने राहुल गांधी के OSM आरोपों का दिया जवाब, कहा अनुबंध नियमों के अनुसार
नई दिल्ली, भारत – केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने हाल ही में राहुल गांधी द्वारा लगाए गए ऑनलाइन स्कूल मॉनिटरिंग (OSM) प्रणाली से जुड़े आरोपों का सख्त जवाब दिया है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि इस स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट प्रक्रिया में गड़बड़ी और नियमों का उल्लंघन हुआ है। हालांकि, CBSE ने इस बात से इनकार करते हुए कहा कि सभी अनुबंधों और प्रक्रियाओं का अनुपालन नियमों और मानकों के अनुसार ही किया गया है।
CBSE के अधिकारियों का कहना है कि OSM प्रणाली को लागू करने के पीछे उद्देश्य आधुनिक तकनीकों के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता और निगरानी को बेहतर बनाना था। उन्होंने कहा कि इस परियोजना में किसी भी प्रकार की अनियमितताओं को अंजाम नहीं दिया गया है। बोर्ड ने बताया कि स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट प्रणाली को लागू करते समय सभी सरकारी दिशानिर्देशों का पालन किया गया है और संबंधित विभागों से अनुमति ली गई है।
राहुल गांधी ने हाल में लोकसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए आरोप लगाया था कि OSM अनुबंध को लेकर पारदर्शिता का अभाव था और इसमें पक्षपातपूर्ण निर्णय लिए गए। उन्होंने इसे शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार का एक उदाहरण बताया। लेकिन CBSE ने जवाब में स्पष्ट किया कि यह आरोप वास्तविकताओं पर आधारित नहीं है और इसे राजनीतिक सन्दर्भों से जोड़कर पेश किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी समाधानों को लेकर जांच और आलोचना होना स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन इस तरह की सार्वजनिक संस्थाओं का कामकाज पूरी तरह पारदर्शी और विधिवत होता है। CBSE ने यह भी कहा कि वे अपने काम में लगातार सुधार लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं ताकि छात्रों को बेहतर संसाधन और शिक्षा मिल सके।
इस मामले पर शिक्षा मंत्रालय ने भी कहा है कि सभी डिजिटल पहल सरकारी नीतियों और नियमों के अनुरूप हैं और जांच के लिए खुले हैं। मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि यदि कोई शिकायत या संदेह है तो उसका त्वरित और निष्पक्ष ढंग से समाधान किया जाएगा।
कुल मिलाकर, CBSE ने राहुल गांधी के आरोपों का खंडन करते हुए विश्वास दिलाया है कि OSM अनुबंध पूरी पारदर्शिता और नियमों के तहत किया गया था, और यह शिक्षा क्षेत्र में तकनीकी सुधारों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। भविष्य में भी बोर्ड इस तरह की पहलें जारी रखेगा ताकि देश के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और समान शिक्षा मिल सके।
