यूरोपीय संघ ने अमेरिकी व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए मार्ग प्रशस्त किया और ट्रंप की टैरिफ बढ़ोतरी टाली
ब्रुसेल्स, बेल्जियम – यूरोपीय संघ ने 20 मई को अमेरिका के साथ एक अस्थायी समझौते पर सहमति जताई, जिसमें यूएस के औद्योगिक माल पर आयात शुल्क हटाने और अमेरिकी कृषि एवं समुद्री उत्पादों को विशेष पहुंच प्रदान करने पर बातचीत हुई है। यह समझौता दोनों पक्षों के बीच व्यापार संबंधों को सुधारने और आगामी टैरिफ बढ़ोतरी से बचाव करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
यूरोपीय आयोग के एक प्रवक्ता ने बताया कि इस अस्थायी समझौते से यूएस के औद्योगिक उत्पादों पर यूरोपीय संघ द्वारा लगाए गए आयात करों को धीरे-धीरे समाप्त किया जाएगा। इसके साथ ही, अमेरिकी कृषि उत्पादों को यूरोपीय बाजार में विशेष भेदभावपूर्ण पहुंच दी जाएगी, जिससे किसानों और मछुआरों को बेहतर अवसर मिलेंगे। इस पहल से ट्रंप प्रशासन द्वारा प्रस्तावित टैरिफ वृद्धि के खतरे को भी कम किया जा सकेगा।
व्यापार विशेषज्ञों का कहना है कि यह समझौता दोनों आर्थिक महाशक्तियों के बीच बढ़ते यूनिवर्सल व्यापार विवादों को सुलझाने में मददगार साबित हो सकता है। यूरोपीय संघ और अमेरिका के बीच यह प्रारंभिक समझौता वैश्विक व्यापार नियमों तथा बाजार परिसरों को स्थिर करने की पहल के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि यह सहमति अभी तक अंतिम रूप में नहीं आई है और इसे यूरोपीय संघ की सदस्य देशों की समीक्षा तथा अमेरिकी प्रशासन की मंजूरी की आवश्यकता है। दोनों पक्षों ने आश्वासन दिया है कि फाइनल डॉक्युमेंट पर जल्द ही हस्ताक्षर किए जाएंगे जिससे व्यापारिक अनिश्चितताएं दूर होंगी।
विशेष रूप से, यह समझौता उन अमेरिकी कृषि उत्पादों जैसे मांस, अनाज, और समुद्री भोजन के लिए राहत का संदेश लेकर आया है जिन्हें यूरोपीय बाजार में पहुंचना मुश्किल हो रहा था। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे दोनों पक्षों के किसानों और उद्योगपतियों को आर्थिक लाभ मिलेगा और साझेदारी मजबूत होगी।
इस घटनाक्रम पर यूरोपीय संघ के वाणिज्य आयुक्त ने कहा, ‘यह समझौता दोनों पक्षों के आर्थिक विकास एवं सहयोग को नई ऊँचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।’ अमेरिका की ओर से भी अधिकारियों ने इसे द्विपक्षीय रिश्तों के लिए सकारात्मक कदम बताया है।
इस कड़ी में, व्यापार विशेषज्ञ और नीतिगत विश्लेषक इस समझौते को वैश्विक बाजार में स्थिरता व भरोसे के लिए एक बड़ी जीत मान रहे हैं। इसके अलावा, यह समझौता विश्व युद्ध स्तर पर टैरिफ युद्ध को समाप्त करने की दिशा में भी अहम योगदान देगा।
