फ्रांसीसी हैंटावायरस मरीज की हालत गंभीर, कृत्रिम फेफड़े पर, कुल मामलों की संख्या 11 तक पहुंची

French hantavirus patient is critically ill, on artificial lung as total cases grow to 11

पेरिस, फ्रांस – फ्रांस में हैंटावायरस के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है, जहां अब कुल 11 मामलों की पुष्टि हुई है, जिनमें से 9 मामलों की पुष्टि मेडिकल जांच के बाद पक्की हो चुकी है। इस गंभीर वायरस से प्रभावित एक मरीज की हालत नाजुक बताई जा रही है, जो फिलहाल कृत्रिम फेफड़े के सहारे जीवन रक्षा पर है।

हैंटावायरस एक दुर्लभ लेकिन गंभीर बीमारी मानी जाती है, जो मुख्य रूप से चूहों और उनके मल-मूत्र के माध्यम से फैलती है। फ्रांस की स्वास्थ्य एजेंसियों ने इस वायरस के प्रसार को रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। राजकीय स्वास्थ्य विभाग ने इस बीमारी के बारे में जागरूकता बढ़ाने और संक्रमित क्षेत्रों में सुरक्षा उपायों को कड़ाई से लागू करने की बात कही है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि हैंटावायरस के लक्षण सामान्यतः फ्लू जैसे होते हैं, जिनमें तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और सांस लेने में तकलीफ शामिल हैं। हालांकि, बीमारी की समय पर पहचान और इलाज से जानलेवा परिणामों को टाला जा सकता है।

फ्रांसीसी अधिकारियों ने जनता से आग्रह किया है कि वे किसी भी संदिग्ध लक्षण को नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। साथ ही, चूहों से सावधानी बरतने के लिए घरों और कार्यस्थलों में साफ-सफाई बनाए रखने और खाद्य पदार्थों को सुरक्षित तरीके से रखने की सलाह दी गई है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने अब तक 11 रिपोर्ट किए गए मामलों में से 9 की पुष्टि की है और बाकियों के टेस्ट परिणाम आने का इंतजार है। जारी जानकारी के अनुसार, संक्रमित मरीजों को तत्काल प्रभाव से अस्पताल में भर्ती कर के उनकी बेहतर देखभाल की जा रही है। इससे संक्रमण के प्रसार को रोकने में मदद मिलने की उम्मीद है।

फ्रांस में हैंटावायरस के मामले दुर्लभ हैं, लेकिन अचानक मामलों में वृद्धि को लेकर विशेषज्ञ सतर्क हैं और लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। स्थानीय प्रशासन ने भी समुदाय के बीच वायरस के संक्रमण को रोकने के उपायों को लेकर जागरूकता अभियान शुरू कर दिया है।

इस महामारी से निपटने के लिए फ्रांसीसी स्वास्थ्य संस्थान और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) मिलकर काम कर रहे हैं ताकि भविष्य में इस तरह के संक्रमण को बेहतर तरीके से कंट्रोल किया जा सके। नागरिकों को भी अपनी जिम्मेदारी समझकर सतर्क रहने और स्वास्थ्य नियमों का पालन करने की जरूरत है।

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