अगर आप लंबे समय तक जी रहे हैं तो स्वस्थ जीवन भी जीएं: गोपीचंद

If you are living longer, you might as well live healthier, says Gopichand

बेंगलुरु, कर्नाटक – भारत के पूर्व बैडमिंटन खिलाड़ी और राष्ट्रीय बैडमिंटन टीम के मुख्य कोच पी. वी. गोपीचंद ने हाल ही में अपनी नई पुस्तक “द लॉन्गेविटी कोड” के माध्यम से लंबा और स्वस्थ जीवन जीने के महत्व पर जोर दिया है। इस पुस्तक के सह-लेखक हैं चिकित्सा-वैज्ञानिक डॉ. सोफिया पठाई। गोपीचंद ने इस पुस्तक में जीवन की गुणवत्ता बढ़ाने और स्वास्थ्य के नए तरीकों पर गहन शोध प्रस्तुत किया है।

गोपीचंद ने बताया कि आज के तेज़ जीवनशैली और बढ़ते तनाव के कारण लोगों को स्वस्थ जीवन जीने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, “यदि हम लंबे समय तक जी रहे हैं तो इससे बेहतर होगा कि हम स्वस्थ भी रहें। यही कारण है कि इस पुस्तक में हमने Longevity यानी दीर्घायु का ऐसा मॉडल पेश किया है जो शरीर और मन दोनों को फिट रखता है।”

डॉ. सोफिया पठाई ने इस पुस्तक के वैज्ञानिक पहलुओं को समझाते हुए कहा कि Longevity केवल वर्षों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवन की गुणवत्ता बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा, “स्वास्थ्य और लंबी उम्र के बीच गहरा संबंध है और सही पोषण, नियमित व्यायाम, मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन इसके मुख्य स्तंभ हैं।”

गोपीचंद ने अपनी खेल जीवनशैली के अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि कैसे एक सक्रिय शरीर और सकारात्मक सोच ने उन्हें न केवल खिलाड़ी के रूप में बल्कि कोच के रूप में भी सफलता दिलाई है। उन्होंने कहा कि उनकी पुस्तक की कोशिश है कि सामान्य जनजीवन में भी लोग स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हों और बेहतर आदतें अपनाएं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह पुस्तक न सिर्फ खिलाड़ियों के लिए बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए लाभकारी है जो स्वास्थ्य के प्रति जागरूक है और लंबा स्वस्थ जीवन जीना चाहता है। “द लॉन्गेविटी कोड” में विज्ञान, खेल और जीवनशैली के मिश्रण से स्वास्थ्य के नए मानक स्थापित किए गए हैं जिनका अनुसरण करके किसी भी उम्र में बेहतर जीवन जिया जा सकता है।

गोपीचंद की यह पहल भारत में खेल और स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई दिशा प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि सरकार और विभिन्न संस्थान मिलकर लोगों को लंबी उम्र के साथ-साथ बेहतर स्वास्थ्य पाने के लिए प्रेरित करें। इस पुस्तक का उद्देश्य ही है कि भारत में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा दिया जाए ताकि प्रत्येक व्यक्ति न केवल लंबे समय तक जिए, बल्कि खुशहाल और रोगमुक्त भी रहे।

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