मैं यहां हूं रूढ़िवादिता को तोड़ने वाली कहानियां सुनाने के लिए: निर्देशक शुचि तलाटी की नई शॉर्ट फिल्म पर

‘I’m here to tell stereotype-defying stories’: Director Shuchi Talati on her new short film

लॉस एंजेलिस, कैलिफोर्निया – ‘गर्ल्स विल बी गर्ल्स’ की निर्देशक शुचि तलाटी का नवीनतम शॉर्ट फिल्म ‘हिडन सन’ हाल ही में इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ लॉस एंजेलिस में प्रीमियर हुआ। इस जापान आधारित फिल्म ने दर्शकों और समीक्षकों दोनों का ध्यान आकर्षित किया है।

शुचि तलाटी ने इस फिल्म के माध्यम से सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोणों को एक नई रोशनी में पेश किया है। ‘हिडन सन’ जापानी परिवेश में बुनी गई कहानी है, जो मानवीय संवेदनाओं को गहराई से छूती है। उनका उद्देश्य केवल मनोरंजन करना नहीं है, बल्कि फिल्म के जरिए दर्शकों को सोचने और समझने पर मजबूर करना भी है।

फेस्टिवल के आयोजकों ने इस फिल्म की कहानी, निर्देशन और प्रदर्शन की सराहना की है। ‘हिडन सन’ फिल्म में जापानी संस्कृति के साथ-साथ आधुनिक विषयों को भी बखूबी मिलाया गया है, जो इसे एक विशिष्ट पहचान प्रदान करता है।

निर्देशक शुचि तलाटी ने कहा, “मेरा प्रयास हमेशा से ऐसी कहानियां पेश करने का रहा है जो पारंपरिक धारणाओं को चुनौती दें। ‘हिडन सन’ मेरे इसी उद्देश्य की एक मिसाल है।” उन्होंने बताया कि फिल्म में पात्र गहराई से विकसित हैं और यह कहानी व्यक्तिगत संघर्षों के साथ सामाजिक मुद्दों को भी उजागर करती है।

इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ लॉस एंजेलिस में इस तरह की फिल्मों को प्रमुखता देने से भारतीय और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों को नए दृष्टिकोण मिलते हैं। इस मौके पर मौजूद अन्य फिल्मकारों ने भी इस आयोजन की भूरी-भूरी तारीफ की।

फिल्म उद्योग में इस तरह की अंतरराष्ट्रीय कहानियों का प्रोत्साहन एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, जो विभिन्न संस्कृतियों के बीच संवाद और समझ को बढ़ावा देता है। ‘हिडन सन’ की सफलता न केवल शुचि तलाटी के व्यक्तित्व को मजबूत करती है, बल्कि भारतीय डायरेक्टिंग टैलेंट की वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठा भी बढ़ाती है।

इस बार के इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ लॉस एंजेलिस ने कई नई और पुरानी प्रतिभाओं को साथ लाकर भारतीय सिनेमा की विविधता और गहराई को प्रदर्शित किया। ‘हिडन सन’ उस श्रृंखला का एक गर्वित हिस्सा है।

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