भारत और इटली लॉन्च करेंगे समुद्री सुरक्षा फॉर्मेट और आतंकवादी वित्त पोषण विरोधी टास्क फोर्स

India, Italy to launch maritime security format, anti-terror finance task force

नई दिल्ली, भारत – भारत और इटली ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए एक नया समुद्री सुरक्षा फॉर्मेट और आतंकवादी वित्त पोषण विरोधी टास्क फोर्स लॉन्च करने का निर्णय लिया है। यह पहल दोनों देशों के बीच सामरिक, आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग को और व्यापक बनाने के उद्देश्य से की गई है।

समुद्री सुरक्षा फॉर्मेट का मकसद समुद्री मार्गों को सुरक्षित बनाना है, जो वैश्विक व्यापार और समुद्री संचार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इसके तहत दोनों देश समुद्री क्षेत्रों में साझा खुफिया जानकारी, संचालन और सुरक्षा अभ्यास करेंगे ताकि समुद्री डकैती, तस्करी और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों को रोका जा सके।

आतंकवादी वित्त पोषण के खिलाफ नई टास्क फोर्स दोनों राष्ट्रों द्वारा आतंकवाद के विरुद्ध कड़े कदम उठाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह टीम आतंकवादी नेटवर्क को वित्तीय सहायता पहुंचाने वालों की पहचान और उन पर कार्रवाई करने में सहयोग करेगी। इसके लिए दोनों देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियां और वित्तीय संस्थान एक दूसरे के साथ लगातार संवाद में रहेंगे।

इसके अलावा, भारत और इटली बजट सहयोग को बढ़ाने के प्रयास में औद्योगिक साझेदारी को भी बढ़ावा दे रहे हैं। भारत की तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और इटली की प्रखर मैन्युफैक्चरिंग विशेषज्ञता को एक साथ लाकर दोनों देशों ने टेक्नोलॉजी, नवाचार और निवेश के क्षेत्रों में व्यापक सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की है।

हाल ही में उच्च स्तर पर दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच सांस्कृतिक और रक्षा संबंधों को संजोते हुए वार्ताएं हुई हैं, जो इस नई पहलों की नींव हैं। ये बातचीत द्विपक्षीय संबंधों में मजबूती के साथ-साथ एशिया और यूरोप के बीच समग्र सहयोग को नई गति देने का संकेत देती हैं।

विशेषज्ञ मानते हैं कि यह नया समुद्री सुरक्षा फॉर्मेट और आतंकवादी वित्त पोषण विरोधी टास्क फोर्स न केवल दो देशों की सुरक्षा को बढ़ाएगा, बल्कि वैश्विक सुरक्षा तंत्र को भी मजबूत करेगा। इस सहयोग से क्षेत्रीय स्थिरता को बल मिलेगा और समुद्री आवाजाही तथा व्यापार के क्षेत्र में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

भारत-इटली के बीच इस व्यापक और बहुआयामी साझेदारी ने दोनों देशों के रणनीतिक हितों को सामने रखा है और यह संकेत है कि वे लोकतांत्रिक और खुले वैश्विक व्यवस्था के निर्माण में एक साथ काम करने के लिए प्रेरित हैं।

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