ISRO प्रमुख नारायणन ने कहा कि G20 उपग्रह 2027 में लॉन्च होगा
चेन्नई, तमिलनाडु: भारत के प्रमुख अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो के अध्यक्ष डॉ. नारायणन ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण बयान दिया है, जिसमें उन्होंने बताया कि G20 उपग्रह को 2027 में लॉन्च किया जाएगा। यह घोषणा उन्होंने इंजीनियरिंग स्टाफ कॉलेज ऑफ इंडिया में डीआरडीओ, इसरो और भारतीय एयरोनॉटिकल सोसाइटी के वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए की।
डॉ. नारायणन ने इस अवसर पर बताया कि भारत अंतरिक्ष क्षेत्र में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित करता आ रहा है। उन्होंने गर्व के साथ यह भी कहा कि भारत पहली बार ऐसा देश बन गया है जिसने अकेले एक रॉकेट के माध्यम से 104 उपग्रहों को सफलतापूर्वक पृथ्वी की कक्षा में स्थापित किया है। यह संख्या 100 से अधिक उपग्रहों को एक ही प्रक्षेपण वाहन द्वारा टक्कर के बिना स्थापित करने का विश्व रिकॉर्ड है।
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के बारे में डॉ. नारायणन ने कहा, “यह उपलब्धि न केवल भारत के उच्च तकनीकी कौशल को दर्शाती है, बल्कि भारत की अंतरिक्ष अन्वेषण और प्रक्षेपण प्रणालियों की विश्वसनीयता और दक्षता को भी उजागर करती है।” उन्होंने आगे कहा कि इसरो की यह सफलता अगले दशकों में अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत को अग्रणी बनाती है।
भारत के G20 उपग्रह मिशन के बारे में बताते हुए, डॉ. नारायणन ने कहा कि यह उपग्रह समूह के सदस्य देशों के बीच सहयोग को मजबूत करेगा और वैश्विक चुनौतियों जैसे जलवायु परिवर्तन, संचार और आपदा प्रबंधन में सहायक साबित होगा। उन्होंने इस मिशन की तकनीकी विशेषताओं और इसके द्वारा मिलने वाले लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उल्लेखनीय है कि इसरो ने पिछले कुछ वर्षों में उपग्रह प्रक्षेपण के क्षेत्र में अनेक अभूतपूर्व सफलताएं हासिल की हैं। इससे न केवल भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा बढ़ी है, बल्कि देश के युवाओं के लिए भी विज्ञान और तकनीकी क्षेत्रों में करियर बनाने के नए अवसर भी पैदा हुए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि 2027 में G20 उपग्रह के सफल प्रक्षेपण से भारत की उपग्रह प्रौद्योगिकी और अंतरराष्ट्रीय सहयोग दोनों ही नए आयामों तक पहुंचेंगे। यह भारत के लिए न केवल एक तकनीकी उपलब्धि होगी बल्कि वैश्विक स्तर पर उसकी रणनीतिक भूमिका को भी स्थापित करेगी।
इस महत्वपूर्ण घोषणा के बाद इसरो के वैज्ञानिकों और तकनीकी कर्मियों में उत्साह का माहौल बना हुआ है। विशेषज्ञ और वैज्ञानिक मिलकर भारत को उच्चतम स्तर की स्पेस टेक्नोलॉजी विकसित करने में जुटे हैं ताकि इस मिशन को सफल बनाया जा सके।
डॉ. नारायणन का यह संदेश भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के उज्जवल भविष्य का संकेत देता है और पूरे राष्ट्र को गर्व महसूस कराता है। भारत अब विश्व अंतरिक्ष साम्राज्य में अपनी जगह मजबूत कर चुका है और आने वाले वर्षों में और भी उच्चतम तकनीकी सफलताएं हासिल करेगा।
