महेबूबा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर में लद्दाख जैसी एकजुटता का आह्वान किया, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से संवाद की मांग

Mehbooba Mufti calls for Ladakh like unity in J&K and reach out to PM and HM for dialogue

Srinagar, Jammu and Kashmir

जम्मू और कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महेबूबा मुफ्ती ने क्षेत्र की राजनीतिक पार्टियों से एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया है। उन्होंने सभी पार्टियों को एक साथ मिलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से संवाद की पहल के लिए संपर्क करने का प्रस्ताव रखा है। उनका मानना है कि ऐसा संयुक्त प्रयास क्षेत्र में व्याप्त निराशा और असंतोष को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

महेबूबा मुफ्ती ने कहा कि राजनीतिक मतभेदों को पीछे छोड़कर सभी दलों को साझा हितों को प्राथमिकता देनी होगी। उन्होंने बताया कि जम्मू और कश्मीर में वर्तमान समय में जो हालात बन रहे हैं, उन्हें सिर्फ मध्यस्थ और समन्वित कदमों से ही सुधार जा सकता है। उन्होंने खासतौर पर लद्दाख में स्थापित एकता की मिसाल देते हुए कहा कि जम्मू और कश्मीर को भी उसी तरह की एकजुटता की आवश्यकता है ताकि क्षेत्र में स्थिरता और विकास संभव हो सके।

मुफ्ती ने अपनी अपील में कहा, “हम सभी को अपने निजी और पार्टीगत मतभेदों को अलग रखना होगा और जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए एक साझा मार्ग तलाशना होगा। यह समय राजनीति से ऊपर उठकर, संवाद और मेल-मिलाप का है।” उन्होंने मुख्यमंत्री पैड की स्थिति को देखते हुए भी सभी वर्गों से संयम बरतने और सकारात्मक संवाद का समर्थन करने की बात कही।

विशेषज्ञों का मानना है कि महेबूबा मुफ्ती की यह पहल जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक संधि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकती है। विभिन्न दलों की भागीदारी से संवाद का दायरा व्यापक होगा, जिससे क्षेत्र के जटिल मुद्दों पर समतल और संतुलित समाधान तलाशने में मदद मिलेगी।

इस प्रस्तावित संवाद में मुख्य फोकस सुरक्षा, आर्थिक पुनरुत्थान, स्थानीय प्रशासन की जवाबदेही और नागरिक अधिकारों की रक्षा पर होगा। महेबूबा मुफ्ती ने यह भी स्पष्ट किया कि इस पहल का उद्देश्य केवल समस्या को उजागर करना नहीं बल्कि सार्थक समाधान खोजने का है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, वर्तमान समय में जम्मू-कश्मीर में विकास, शांति और स्थिरता हासिल करने के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच सामंजस्य बेहद आवश्यक है। महेबूबा मुफ्ती के द्वारा किया गया यह आह्वान एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, जो भविष्य में संवाद के नए द्वार खोल सकता है।

अंत में महेबूबा मुफ्ती ने सभी राजनीतिक पार्टियों, सामाजिक संगठनों और नागरिक समाज से आग्रह किया कि वे इस पहल में हिस्सा लें और एक सामूहिक शक्ति के रूप में जम्मू-कश्मीर के विकास और खुशहाली की दिशा में कदम बढ़ाएं। यह प्रयास क्षेत्र में स्थायी शांति व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित हो सकता है।

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