रैंक मेरी प्राथमिकता नहीं थी: पुणे की अरोही ने JEE (एडवांस्ड) में लड़कियों में टॉप किया
पुणे, महाराष्ट्र – इस वर्ष के JEE (एडवांस्ड) परीक्षा परिणामों में पुणे की अरोही ने लड़कियों में टॉप कर सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। अरोही ने परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए साबित कर दिया कि मेहनत और समर्पण के साथ कठिन प्रतिस्पर्धाओं में भी सफलता हासिल की जा सकती है।
अरोही ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनका मुख्य ध्यान रैंकिंग पर नहीं था, बल्कि विषयों की गहराई से समझ और आत्मविश्वास बनाए रखना था। उन्होंने कहा, “मैंने हमेशा अपने शुरुआती लक्ष्यों को बनाए रखा और पढ़ाई को नियमानुसार जारी रखा। रैंक मेरी प्राथमिकता नहीं थी, पर मेहनत ने परिणाम जरूर दिया।”
अरोही की सफलता का राज उनका अनुशासन और समर्पण है। उन्होंने अपनी पढ़ाई के साथ-साथ नियमित रूप से योग और ध्यान भी किया, जिससे उनकी मानसिक स्थिति मजबूत बनी रही। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार और शिक्षकों का सहयोग उनकी इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण रहा।
पिछले कई सालों से JEE (एडवांस्ड) परीक्षा में लड़कियों का प्रदर्शन लगातार बेहतर होता जा रहा है, और अरोही का यह टॉप करना इस दिशा में एक नया प्रेरणादायक कदम है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के परिणाम लड़कियों को आईआईटी जैसे प्रतिस्पर्धी संस्थानों में दाखिला पाने के लिए प्रेरित करेंगे।
अरोही ने आने वाले वक्त में इंजीनियरिंग में उच्च शिक्षा लेने के साथ-साथ रिसर्च क्षेत्र में योगदान देने की इच्छा जताई है। उनकी इस सफलता से हजारों विद्यार्थियों को सीख मिलती है कि निरंतर प्रयास और सही मार्गदर्शन से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।
पुणे के विभिन्न शैक्षिक संस्थान भी अरोही के इस प्रदर्शन को सराह रहे हैं और उन्होंने इस उपलब्धि को स्थानीय युवा प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बताया है। नगर के शिक्षा अधिकारियों ने कहा कि वे इस तरह के छात्रों के लिए और अधिक संसाधन उपलब्ध कराने का प्रयास करेंगे ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी shine कर सकें।
अंततः अरोही का संदेश है कि सफलता की कुंजी निरंतर प्रयास, धैर्य और सही दिशा में मेहनत करना है, न कि केवल रैंकिंग की चिंता करना। यह दृष्टिकोण आने वाले समय में शिक्षा प्रणाली को और भी समावेशी और प्रोत्साहित करने वाला बना सकता है।
