सफेदपोश अपराधों पर राष्ट्रीय सम्मेलन 11 अक्टूबर को

नई दिल्ली (आधुनिक इंडिया संवातदाता) तेरापंथ प्रोफेशनल फ़ोरम (TPF) आगामी 11 अक्टूबर को भारत मंडपम, नई दिल्ली में “टीपीएफ दायित्व: सफेदपोश अपराधों से मुकाबले हेतु राष्ट्रीय विधिक सम्मेलन” का आयोजन करेगा। यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के विज़न से प्रेरित है, जो पारदर्शिता, आत्मनिर्भरता और नागरिक सशक्तिकरण पर आधारित है।

सम्मेलन में केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, कॉर्पोरेट कार्य एवं सड़क परिवहन राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा, न्यायमूर्ति संजीव खन्ना (पूर्व मुख्य न्यायाधीश), आशीष कुमार चौहान (एमडी एवं सीईओ, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज), डॉ. एम.एस. साहू (पूर्व अध्यक्ष, आईबीबीआई) और राकेश अस्थाना (पूर्व विशेष निदेशक, सीबीआई व दिल्ली पुलिस आयुक्त) समेत कई प्रतिष्ठित हस्तियों की उपस्थिति रहेगी। सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट के न्यायाधीश, वरिष्ठ अधिवक्ता, नियामक संस्थाओं व बैंकिंग क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी भी इसमें शामिल होंगे।

सम्मेलन में सफेदपोश अपराधों जैसे बैंकिंग धोखाधड़ी, साइबर अपराध, कर चोरी, इनसाइडर ट्रेडिंग और नियामकीय खामियों पर विचार-विमर्श होगा। विशेषज्ञ पैनल चर्चाएं प्रवर्तन को और प्रभावी बनाने, अनुपालन संस्कृति मजबूत करने और व्यक्तिगत जवाबदेही सुनिश्चित करने पर केंद्रित होंगी। इसमें अधिवक्ता, चार्टर्ड अकाउंटेंट, कंपनी सेक्रेटरी, कॉस्ट अकाउंटेंट, शिक्षाविद और शोधकर्ता बड़ी संख्या में भाग लेंगे।

टीपीएफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष हिम्मत जैन ने कहा कि श्वेतपोश अपराध केवल आर्थिक नहीं, बल्कि नैतिक अपराध भी है, जो जनता के विश्वास को कमजोर करता है। “यदि हम नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता और व्यक्तिगत ईमानदारी को अपनाएं तो सामूहिक रूप से श्वेतपोश अपराधों के खिलाफ खड़े हो सकते हैं।”

राष्ट्रीय संयोजक एडवोकेट राजकुमार नाहटा ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य पेशेवर उत्कृष्टता को नैतिक जिम्मेदारी से जोड़ना है। “कानून और संस्थान तभी प्रभावी बनेंगे जब उन्हें व्यक्तिगत कर्तव्य का बल मिलेगा। यह सम्मेलन विकसित भारत 2047 की दिशा में ठोस कदम है।”

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