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कमला ने कहा कि ट्रम्प को इरान युद्ध में बीबी ने ‘खींचा’, इसे बताया ध्यान भटकाने वाला कदम

Kamala says Trump was ‘pulled into’ Iran war by Bibi, calls it a distraction

वाशिंगटन, अमेरिका – अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने डोनाल्ड ट्रम्प पर तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व राष्ट्रपति ट्रम्प को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इरान युद्ध में खींचा ताकि अमेरिकी घरेलू मामलों से ध्यान हटाया जा सके। हैरिस ने विशेष रूप से ‘एपस्टीन फाइल्स’ जैसे विवादास्पद मुद्दों को ट्रम्प प्रशासन की आलोचना के केंद्र में रखा।

कमला हैरिस ने अमेरिकी नेतृत्व को सबसे भ्रष्ट, बेरहम और अक्षम करार देते हुए कहा कि ट्रम्प ने अमेरिकी गठबंधनों और अंतरराष्ट्रीय मानदंडों को कमजोर किया है, जिससे अमेरिका की विश्वसनीयता संकट में आ गई है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि ऐसे कार्य अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति दोनों के लिए खतरा हैं।

हैरिस की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब इरान और अमेरिका के बीच तनाव गहरा रहा है। उन्होंने कहा कि नेतन्याहू ने ट्रम्प को गलत दिशा में प्रेरित किया ताकि अमेरिकी सरकार के आंतरिक विवादों से ध्यान भटकाया जा सके। उपराष्ट्रपति ने कहा, “जब कोई जवाबदेही से बचना चाहता है तो वह बाहरी मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करता है। यह रणनीति न केवल राष्ट्र के लिए खतरनाक है बल्कि हमारे लोकतंत्र के लिए भी हानिकारक है।”

इस के साथ ही हैरिस ने ट्रम्प प्रशासन की विदेश नीति की नीतियों की भी आलोचना की, जिसमें उन्होंने अमेरिकी मित्र देशों के साथ संबंधों को खराब करने और विश्व मंच पर अमेरिका की छवि को धूमिल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस तरह के कदमों ने अमेरिका को एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में कमजोर कर दिया है।

विश्लेषकों का मानना है कि कमला हैरिस की यह टिप्पणी आगामी चुनावों में ट्रम्प के लिए राजनीतिक चुनौती पेश कर सकती है। वहीं, ट्रम्पपक्ष ने इसे राजनीतिक कैंपेन का हिस्सा बताया है और इस पर कोई ठोस प्रतिक्रिया देने से बचा है।

इस बीच, अमेरिकी जनता के बीच भी इस बहस ने नया मोड़ ले लिया है, जहां बड़ी संख्या में लोग वर्तमान प्रशासन की विदेश और घरेलू नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं। ट्रम्प प्रशासन के समर्थक भी इस आरोप को राजनीति से प्रेरित बताकर खारिज कर रहे हैं।

यह मामला न केवल अमेरिकी राजनीति में गहराई से उठ रहा है, बल्कि इससे अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भी हलचल मच गई है, क्योंकि इरान पर अमेरिकी ध्यान केंद्रित होने से कई अन्य वैश्विक मुद्दे पिछड़ सकते हैं।

अमेरिकी विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि इस बहस को देखते हुए आगामी महीनों में अमेरिका की विदेश नीति में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं, जिससे देश की वैश्विक छवि सुधर सके।