नीट यूजी लीक विवाद के बाद कर्नाटक ने इंजीनियरिंग और संबद्ध पाठ्यक्रमों के लिए सीईटी काउंसलिंग को प्राथमिकता दी
Bengaluru, Karnataka
कर्नाटक में नीट यूजी परीक्षा के लीक विवाद के बाद राज्य शिक्षा विभाग ने इंजीनियरिंग और संबद्ध पाठ्यक्रमों के लिए सीईटी काउंसलिंग को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। इस निर्णय का उद्देश्य छात्रों को शिक्षा हासिल करने में किसी भी प्रकार की बाधा न आने देना और समय पर दाखिला प्रक्रिया पूरी करना है।
नीट यूजी परीक्षा में हुए लीक विवाद ने पूरे देश में शिक्षा व्यवस्था की साख को प्रभावित किया था। कर्नाटक सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए राज्य स्तरीय छात्रों के हितों को सबसे ऊपर रखा है। इससे न सिर्फ परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि इंजीनियरिंग क्षेत्र में दाखिले की प्रक्रिया भी सुव्यवस्थित होगी।
राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि काउंसलिंग को प्राथमिकता देने से छात्रों को उनके विकल्पों में अधिक सही और समय पर निर्णय लेने में सहायता मिलेगी। साथ ही इस कदम से इंजीनियरिंग तथा प्रौद्योगिकी से संबंधित विभिन्न कॉलेजों में सीट भराई में तेजी आएगी।
इस बार कर्नाटक की काउंसलिंग प्रक्रिया को ऑनलाइन माध्यम से संचालित किया जाएगा ताकि किसी भी तरह की अनियमितता की संभावना को कम किया जा सके। सचिवालय ने सभी संबंधित संगठनों और कॉलेजों को काउंसलिंग कार्य में पूर्ण सहयोग देने के निर्देश जारी किए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि नीट यूजी परीक्षा में आई अनिश्चितता के कारण कई छात्र और उनके अभिभावक असमंजस में थे। इस स्थिति में कर्नाटक सरकार का त्वरित निर्णय एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है जो शिक्षा क्षेत्र में स्थिरता लाएगा।
इस संबंध में कर्नाटक तकनीकी विश्वविद्यालय और अन्य संबद्ध संस्थानों ने भी अपनी तैयारी पूरी कर ली है ताकि काउंसलिंग के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी परेशानी न हो और छात्रों को सुरक्षित, पारदर्शी तथा न्यायसंगत प्रक्रिया का लाभ मिले।
राजय सरकार यह भी सुनिश्चित कर रही है कि सभी योग्य छात्रों को उनकी योग्यता के अनुसार सही कॉलेज और कोर्स में दाखिला मिले। इसके लिए नए दिशा-निर्देशों का भी पालन किया जाएगा जो छात्र हितैषी और निष्पक्ष प्रक्रिया को सुनिश्चित करते हैं।
शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, कर्नाटक का यह कदम अन्य राज्यों के लिए भी मॉडल साबित हो सकता है, जहां कठिन परिस्थिति में भी शिक्षा व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाने की जरूरत है। नीट यूजी के लीक विवाद से हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए ऐसी योजनाएं जरूरी हैं।
अंततः, कर्नाटक सरकार की इस पहल से निश्चय ही इंजीनियरिंग व तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आएगा और छात्रों का भविष्य सुरक्षित होगा। आने वाले सप्ताहों में इस अभियान की सफलता पर खास निगाह रखी जाएगी।
