एनटीए के एनईईटी परीक्षा धोखाधड़ी आरोपों पर कांग्रेस का PM और शिक्षामंत्री को जवाबदेह ठहराने का आग्रह

PM, Education Minister must be held accountable for 'cover up': Congress on NTA claims on NEET exam

नई दिल्ली, दिल्ली

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनटीए) पर राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में अनियमितताओं और धोखाधड़ी को छुपाने के आरोप लगते हुए कांग्रेस ने इसे ‘नेशनल ट्रॉमा एजेंसी’ करार दिया है। कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर पेपर लीक माफिया के साथ सांठगांठ करने का गंभीर आरोप लगाया है और प्रधानमंत्री एवं शिक्षा मंत्री से इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली में लगातार बढ़ती गड़बड़ियां और पेपर लीक जैसे मामले छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल छात्रों को मानसिक त्रासदी में डालने के साथ ही न्यायपालिका में भी विश्वास कम कर रहा है। एनटीए ने हाल ही में अपने दायित्वों का उल्लंघन करते हुए सच्चाई को छुपाने का प्रयास किया है, जिससे छात्रों और अभिभावकों में आक्रोश बढ़ रहा है।

पार्टी ने कहा है कि सरकार और उसकी एजेंसियों की मंशा साफ नहीं है। पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं पर कार्रवाई करने के बजाय, वे इसे दबाने की कोशिश में लगे हैं। कांग्रेस ने यह भी कहा कि यह मामला केवल छात्र जाति की योग्यता और मेहनत पर सवाल उठा रहा है, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता को भी नुकसान पहुंचा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की खराब प्रबंधन और भ्रष्टाचार से परीक्षाओं की प्रतिष्ठा धूमिल होती है और यह छात्रों के लिए उनकी मेहनत का हनन है। एनटीए को चाहिए कि वह तुरंत इस मामले की जांच कराए, पेपर लीक मामले को गंभीरता से ले और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे। इसके साथ ही, सरकार को भी इस मुद्दे को लेकर पारदर्शिता कायम करनी चाहिए और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़नी चाहिए।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा है कि जब तक प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री इस मामले में अपनी जवाबदेही स्पष्ट नहीं करते, तब तक उनका विश्वास जनता के बीच कम होता जाएगा। कांग्रेस ने कहा कि वह इस मुद्दे पर संसद में भी सवाल उठाएगी और देशभर में छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज बुलंद करेगी।

हालांकि, एनटीए का कहना है कि वे प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता का पालन कर रहे हैं और किसी भी अनियमितता की जांच के लिए तैयार हैं। लेकिन कांग्रेस के आरोपों के बीच छात्रों का विश्वास फिर भी हिल गया है। शिक्षा विशेषज्ञ भी मानते हैं कि परीक्षाओं की विश्वसनीयता को बहाल करने के लिए कठोर सुधारों की बेहद आवश्यकता है।

अंततः यह मामला केवल एक परीक्षा का नहीं, बल्कि देश के शिक्षा तंत्र के भविष्य और छात्रों के सपनों का मामला बन गया है। ऐसे में सरकार और संबंधित एजेंसियों को चाहिए कि वे जल्द से जल्द उचित कदम उठाकर युवाओं का भरोसा वापस जीतें।

Source