पियूष गोयल ने न्यूयॉर्क में 50 से अधिक उद्योग नेताओं से की भारत-यूएस व्यापार गहराई से बढ़ाने की बातचीत

Piyush Goyal engages with over 50 industry leaders in New York to deepen India-US trade

न्यूयॉर्क, अमेरिका – भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों को और गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया गया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पियूष गोयल ने न्यूयॉर्क शहर में 50 से अधिक प्रमुख व्यापारिक और उद्योग जगत के नेताओं के साथ एक बंद कमरे में राउंडटेबल चर्चा की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, नवाचार और आपूर्ति श्रृंखलाओं को विस्तार देने पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित किया गया।

इस उच्च स्तरीय वार्ता का उद्देश्य भारत-यूएस आर्थिक सहयोग को नए आयाम देना था ताकि दोनों राष्ट्रों के बीच समृद्धि को साझा रूप से बढ़ावा दिया जा सके। गोयल ने कहा कि वैश्विक चुनौतीपूर्ण आर्थिक परिवेश में भारत और अमेरिका की साझेदारी वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को सशक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

बैठक में व्यापार और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने आपसी निवेश और नवाचार के अवसरों पर चर्चा की। उन्होंने विशेष रूप से डिजिटल टेक्नोलॉजी, हरी ऊर्जा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। सहभागियों ने यह भी माना कि दोनों देशों के बीच व्यापार बाधाओं को कम करने एवं व्यापार नीतियों को सरल बनाने से आर्थिक रिश्ते और मजबूत होंगे।

गोयल ने इस संवाद के दौरान दोतरफा सहयोग के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि भारत एक खुले और निवेश के अनुकूल वातावरण के साथ वैश्विक कारोबारियों के लिए आकर्षक गंतव्य है। अमेरिका भी भारत के साथ विस्तृत साझेदारी को लेकर उत्साहित है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और तकनीकी उन्नति को बल मिलेगा।

उद्योग नेताओं ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि भारत और अमेरिका के बीच गहरी साझेदारी से दोनों देश आर्थिक क्षेत्र में नई चुनौतियों का सामना कर सकते हैं और संभावनाओं को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ा सकते हैं। यह बैठक दोनों देशों के बीच भरोसे और सहयोग को नया आयाम प्रदान करेगी।

इस प्रकार, पियूष गोयल की यह पहल भारत और अमेरिका के बीच व्यापार, निवेश और नवाचार के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने की प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। अगले कुछ महीनों में इन चर्चाओं के आधार पर कई नई परियोजनाएं और समझौतों पर काम शुरू होने की उम्मीद है।

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