भारत ने इबोला महामारी के दौरान कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान के लिए गैर-आवश्यक यात्राओं से परहेज करने की सलाह जारी की
नई दिल्ली, भारत
बुंडिबुग्यो स्ट्रेन के इबोला वायरस के बढ़ते प्रकोप के बीच, स्वास्थ्य अधिकारियों ने सावधानी बरतने तथा सतर्क रहने का आह्वान किया है। 23 मई तक, बुंडिबुग्यो स्ट्रेन से हुई मौतों की संख्या 216 पहुंच गई है, जबकि इस वायरस से संक्रमित कुल मामलों की संख्या 968 दर्ज की गई है, जिसमें संदिग्ध और पुष्टि किए गए दोनों शामिल हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और स्थानीय स्वास्थ्य विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और प्रभावित इलाकों में नियंत्रण के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। इबोला एक खतरनाक वायरल संक्रमण है जो मुख्य रूप से सीधे संपर्क से फैलता है। इस बीमारी के नियंत्रण के लिए संक्रमण की तीव्र पहचान और तत्काल उपचार आवश्यक होता है।
भारत सरकार ने कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान की यात्रा पर विशेष चेतावनी जारी की है और गैर-आवश्यक यात्रा से बचने का निर्देश दिया है। इससे भारत में संक्रमण के संभावित занपत को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। उपयुक्त प्रोटोकॉल अपनाने, स्वच्छता बनाए रखने तथा शीघ्र लक्षण दिखने पर स्वास्थ्य जांच करवाने की सलाह दी गई है।
यह महामारी ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में चिंता का विषय बनी हुई है। प्रभावित क्षेत्रों में संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों की पहचान और निगरानी हेतु संपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं ताकि संक्रमण को समुदाय में फैलने से रोका जा सके।
सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा है कि बीमारी पर नियंत्रण के लिए सभी सकारात्मक मामले को त्वरित इलाज मुहैया कराना और संक्रमण रोकने वाली सावधानियां अपनाना अनिवार्य है। जागरूकता फैलाने के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य शिक्षा अभियानों का आयोजन भी किया जा रहा है।
इस बीच, वैश्विक स्वास्थ्य निकायों ने प्रभावित देशों को आवश्यक चिकित्सा संसाधन और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई है। भारत सहित कई देशों ने कोरोना महामारी के अनुभव से सीखे गए सबक के तहत इबोला संक्रमण से निपटने के लिए आपातकालीन तैयारियों को बढ़ाया है।
संतुलित एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाकर तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग से इस रोग पर नियंत्रण पाया जा सकता है। नागरिकों से अपील है कि वे अफवाहों से बचें और केवल विश्वसनीय स्रोतों से ही स्वास्थ्य संबंधी जानकारी लें।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया है और नए मामलों की सूचना मिलने पर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
फिलहाल, बुंडिबुग्यो स्ट्रेन के संक्रमण से निपटने के लिए सभी स्तर पर कड़े कदम उठाए जा रहे हैं ताकि इस गंभीर बीमारी से निपटने में सफलता मिल सके और आम लोगों का जीवन सुरक्षित रहे।
