नीट-यूजी पेपर लीक: परीक्षा में अनियमितताओं पर संसदीय समिति ने एनटीए प्रमुख को तलब किया

NEET-UG Paper Leak: Parliamentary panel summons NTA chief over exam irregularities

नई दिल्ली, दिल्ली

केंद्रीय संसद की एक संसदीय समिति ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-उत्तर प्रदेश (NEET-UG) में पेपर लीक की खबरों के बीच राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के प्रमुख को तलब किया है। यह कार्रवाई परीक्षा में दर्ज अनियमितताओं और सुरक्षा व्यवस्था के सवालों के मद्देनजर की गई है।

NEET-UG भारत में मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण माध्यम है। इस परीक्षा के पेपर लीक की खबरें आने से छात्रों और अभिभावकों में भारी चिंता उत्पन्न हो गई है। इस मामले पर संसद की विधायी समिति ने गहराई से जांच करने का निर्णय लिया है।

समिति के सदस्यों ने NTA से कहा है कि परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए वर्तमान सुरक्षा प्रोटोकॉलों की जांच और सुधार आवश्यक है। समिति ने एनटीए प्रमुख से पूछा कि मूल्यांकन प्रक्रिया में किस प्रकार की सुरक्षा और निगरानी प्रणाली अपनाई गई है और इस तरह की लीक की घटना का कारण क्या है।

एनटीए के अधिकारियों ने बताया कि विषय की संवेदनशीलता को देखते हुए वे सभी कानूनी और तकनीकी उपाय कर रहे हैं ताकि परीक्षा प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहे। एनटीए ने जांच के लिए विशेष टीम गठित की है जो कि लीक की पुष्टि संबंधी किसी भी जानकारी का विस्तार से पता लगाएगी।

छात्र संघों ने इस मामले पर तुरंत कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि अगर पेपर लीक की घटनाएं सही साबित होती हैं, तो इससे लाखों छात्र जिनका संवेदनशील भविष्य इस परीक्षा से जुड़ा है, वे गहराई से प्रभावित होंगे। उन्होंने परीक्षा और उसका निष्पक्ष संचालन सुनिश्चित करने के लिए कड़ी निगरानी की आवश्यकता पर जोर दिया है।

सरकार और संबंधित एजेंसी के बीच इस मुद्दे पर समन्वय स्थापित होना जरूरी हो गया है ताकि परीक्षा प्रणाली में पूरी पारदर्शिता स्थापित की जा सके। एनटीए प्रमुख के सामने लगने वाली यह संसदीय तलब इसे स्पष्ट संकेत देती है कि परीक्षा व्यवस्थाओं में संभावित कमियों पर व्यापक विचार किया जाएगा।

इस प्रकार की घटनाएं न केवल परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को प्रभावित करती हैं, बल्कि देश के शैक्षिक सुधार के प्रयासों को भी चुनौती देती हैं। ऐसे में परीक्षा के हर चरण में सही सुरक्षा प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है।

अगले कुछ सप्ताहों में संसदीय समिति से इस मामले की रिपोर्ट आने की उम्मीद है जिसमें एनटीए के कदमों और भविष्य में इस प्रकार की अनियमितताओं को रोकने की व्यवस्था के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

यह मामला मेडिकल शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता और पारदर्शिता दोनों के लिए अहम साबित होगा। छात्र और अभिभावक देश के उच्चतम शैक्षणिक निकायों से पूरी स्पष्टता और सुरक्षा की उम्मीद कर रहे हैं ताकि सभी उम्मीदवारों को समान अवसर मिल सके।

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