पोप ने एआई संचालित युद्ध की वृद्धि की निंदा की, कहा यह विनाश के चक्र की ओर ले जाता है

Pope decries the rise of AI-directed warfare, saying it leads to a spiral of annihilation

वेटिकन सिटी, वेटिकन

पोप लियो XIV ने हाल ही में एआई और उच्च तकनीकी हथियारों में निवेश की कड़ी निंदा करते हुए इसे मानवता के लिए घातक बताया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि इस दिशा में बढ़ाव विनाश की एक अनवरत श्रृंखला को जन्म देगा। उनकी यह प्रतिक्रिया वैश्विक स्तर पर बढ़ती युद्ध प्रवृत्तियों और स्वचालित हथियार प्रणालियों के बढ़ते उपयोग पर चिंता जताती है।

पोप ने कहा कि तकनीकी प्रगति का उद्देश्य मानव जीवन की रक्षा और समृद्धि होना चाहिए, न कि उपकरणों के जरिए विनाश की संभावना को बढ़ावा देना। उन्होंने सभी राष्ट्रों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से अपील की कि वे इस प्रकार के विकासों पर नियंत्रण लगाने के लिए ठोस कदम उठाएं, ताकि युद्ध के विनाशकारी दुष्चक्र को रोका जा सके।

विश्व के कई हिस्सों में सैन्य क्षेत्र में उच्च तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल को लेकर चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि यदि बिना सावधानी के इस तकनीक का उपयोग किया गया तो यह न केवल युद्ध की तीव्रता बढ़ा सकता है, बल्कि मानवीय क्षति भी अपार होगी।

पोप लियो XIV की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब कई देश अपने सैन्य हथियारों को अत्याधुनिक बनाने के लिए एआई आधारित प्रणालियों में भारी निवेश कर रहे हैं। उन्होंने नीति निर्माताओं से आग्रह किया कि वे नैतिकता और शांति को प्राथमिकता दें और हथियारों के प्रयोग में संयम बनाएं।

पोप ने विशेष रूप से कहा, “जब हम ऐसी तकनीक विकास करते हैं जो स्वतः निर्णय लेने में सक्षम होती हैं, तो हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि ये मानव नियंत्रण और नैतिक मानकों के दायरे में ही उपयोग हों। अन्यथा, यह विनाश के एक ऐसे चक्र में बदल सकता है, जिसे रोक पाना हम सभी के लिए असंभव होगा।”

यह बयान वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण सन्देश के रूप में देखा जा रहा है। विभिन्न धार्मिक और सामाजिक नेता भी इस चिंता को साझा कर रहे हैं और अधिक व्यापक वैश्विक संवाद की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं।

इस मुद्दे पर विश्व समुदाय की प्रतिक्रिया और भविष्य में इस तकनीक के संचालित हथियारों के नियमन के दिशा-निर्देश जारी करना अब एक आवश्यक कदम माना जा रहा है, ताकि मानवता एक सुरक्षित और स्थिर भविष्य की ओर बढ़ सके।

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