कतर ने कहा इरान को हर्मुज का उपयोग खाड़ी देशों को ब्लैकमेल करने के लिए नहीं करना चाहिए
डोहा, कतर – कतर के शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि इरान को हर्मुज जलडमरूमध्य का इस्तेमाल खाड़ी देशों पर दबाव बनाने या उन्हें ब्लैकमेल करने के लिए नहीं करना चाहिए। इस बयान के माध्यम से कतर ने क्षेत्रीय शांति और स्थिरता बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
हर्मुज जलडमरूमध्य, जो कि फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित है, विश्व के महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। इसके माध्यम से दिनाना २०% से अधिक वैश्विक तेल उत्पादन व्यापार होता है। इसलिए, इस जलडमरूमध्य को लेकर क्षेत्रीय देशों के बीच तनाव और कूटनीतिक दबाव होते रहते हैं।
शेख मोहम्मद ने कहा, “हर्मुज जलडमरूमध्य को किसी भी तरह की राजनीतिक या सैन्य चाल के लिए हथियार के रूप में उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। यह एक ऐसा मार्ग है जो सभी क्षेत्रीय देश एवं वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।” उनका यह बयान इस बात को रेखांकित करता है कि कतर स्थिरता और संवाद के माध्यम से विवादों का समाधान चाहता है।
वर्तमान में खाड़ी क्षेत्र में कई राजनीतिक और सैन्य गतिवधियां चल रही हैं, जिनमें अमेरिका, इरान और अन्य खाड़ी देश शामिल हैं। ऐसा माना जाता है कि हर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण या उसके उपयोग को लेकर कई बार तनावग्रस्त स्थितियां उत्पन्न हुई हैं। कतर के इस बयान का उद्देश्य उन सभी प्रयासों को रोकना है जो खाड़ी क्षेत्र की अशांति बढ़ा सकते हैं और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित कर सकते हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि कतर का यह कड़ा रुख क्षेत्र में विश्वास बहाली और बहुपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने में सहायक हो सकता है। साथ ही, इस क्षेत्रीय कूटनीति के माध्यम से खाड़ी के देशों के बीच विश्वसनीयता और पारस्परिक सम्मान की भावना कायम रखने का प्रयास किया जा रहा है।
अंत में, शेख मोहम्मद ने संवाद और बातचीत के महत्व को भी रेखांकित करते हुए कहा कि सभी पक्षों को शांतिपूर्ण और समावेशी तरीकों से किसी भी विवाद का समाधान निकालना चाहिए, जिससे पूरे क्षेत्र की समृद्धि और स्थिरता सुनिश्चित हो सके।
