ताइवान को बलिदान नहीं किया जाएगा, अमेरिकी हथियार बिक्री प्रतिबद्धता: राष्ट्रपति ने ट्रम्प को जवाब दिया

Taiwan won't be sacrificed, U.S. arms sales a commitment: President responds to Trump

ताइपेई, ताइवान – ताइवान के राष्ट्रपति ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बीजिंग में हाल ही में हुई बैठक के बाद उठे सवालों का जवाब देते हुए कहा कि ताइवान को किसी भी राजनीतिक या सामरिक लेनदेन में बलिदान नहीं किया जाएगा। यह बयान तब आया है जब द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन के बाद ताइवान में अमेरिका के समर्थन को लेकर चिंता बढ़ गई थी।

राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिकी हथियार बिक्री ताइवान के प्रति अमेरिका की प्रतिबद्धता का प्रतीक है और यह किसी भी तरह की राजनीतिक साजिश या समझौते का हिस्सा नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ताइवान की सुरक्षा और लोकतंत्र की रक्षा अमेरिका की प्राथमिकताओं में शामिल है।

यह प्रतिक्रिया अमेरिकी और चीनी शिखर सम्मेलन के तुरंत बाद मिली, जिसमें दोनों देशों के बीच कई अहम आर्थिक और रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा हुई थी। ताइवान की सरकार और उसके नागरिकों ने बैठक को लेकर आशंका जताई थी कि इससे ताइवान के प्रति अमेरिकी समर्पण कमजोर पड़ सकता है।

राष्ट्रपति ने पत्रकारों से कहा, “हम अपने देश की स्वतंत्रता और लोकतंत्र को किसी भी सूरत में जोखिम में नहीं डालेंगे। अमेरिकी हथियार बिक्री हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और यह अमेरिका की हमारी सुरक्षा के प्रति सच्ची प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”

विशेषज्ञों के अनुसार, ताइवान और चीन के बीच तनाव की पृष्ठभूमि में यह बयान महत्वपूर्ण है क्योंकि चीन ताइवान को अपने क्षेत्र का हिस्सा मानता है और ताइवान की स्वतंत्रता किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं। अमेरिकी हथियारों की बिक्री ताइवान को अपनी रक्षा के लिए अत्याधुनिक उपकरण प्रदान करती है, जिससे चीन के आक्रामक रुख के सामने ताइवान की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

वैश्विक राजनीति में भी ताइवान को लेकर घटनाक्रम की कड़ी नजर रखी जा रही है। विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते तनाव के बीच ताइवान की भूमिका और भी अधिक अहम हो गई है। दोनों महाशक्तियों के बीच समझौते का दबाव ताइवान की संप्रभुता पर सीधे प्रभाव डाल सकता है।

ताइवान के राष्ट्रपति के इस बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि वह देश की सुरक्षा और स्वतंत्रता के प्रति दृढ़ हैं और किसी भी रूप में इसे खतरे में नहीं देखकरेंगे। ताइवान सरकार ने कहा है कि वे अपने लोकतांत्रिक मूल्यों और क्षेत्रीय स्थिरता को बनाए रखने के लिए सभी शक्लों में प्रयासरत रहेंगे।

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