शिक्षकों का बयान: ‘अकेडमिक्स से अधिक, NEET UG उम्मीदवार मानसिक परामर्श और प्रेरणा चाहते हैं’

‘More than academics, NEET UG aspirants want mental counselling and motivation’: Educators

नई दिल्ली, दिल्ली

NEET UG की तैयारियों में जुटे अभ्यर्थियों के बीच एक नई मांग उभरकर सामने आई है। अब वे केवल शैक्षणिक कोचिंग और विषय वस्तु पर ध्यान नहीं चाहते, बल्कि मानसिक परामर्श और प्रेरणा की भी कमी महसूस कर रहे हैं। कई शिक्षकों और विशेषज्ञों का मानना है कि मानसिक स्वास्थ्य और प्रेरणा को भी उतनी ही प्राथमिकता दी जानी चाहिए जितना परीक्षा की तैयारी को।

शिक्षकों के अनुसार, NEET UG की तैयारी अत्यंत तनावपूर्ण और कठिन प्रक्रिया है। अभ्यर्थी परीक्षा की कठिनाई, प्रतिस्पर्धा का दबाव और अपेक्षाओं के चलते मानसिक दबाव में आते हैं। इससे उनकी पढ़ाई पर भी विपरीत असर पड़ता है। ऐसे में वे चाहते हैं कि केवल किताबों से नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और सकारात्मक सोच के लिए भी उन्हें मदद मिले।

एम्स के एक वरिष्ठ शिक्षक ने बताया, “हमने पाया है कि अधिकतर छात्र पढ़ाई के तनाव और मानसिक कमजोरी के कारण असफल हो जाते हैं। अगर सही समय पर उन्हें संबल और मनोवैज्ञानिक सहायता मिलती, तो परिणाम बेहतर होते।” उन्होंने कहा, “इसके लिए विशेषज्ञों द्वारा मानसिक परामर्श और प्रेरणादायक सत्रों का आयोजन आवश्यक है।”

कुछ कोचिंग संस्थान अब इसी ओर कदम बढ़ा रहे हैं। वे नियमित रूप से मेंटर और काउंसलर को बुलाकर छात्रों की मनोस्थिति को समझने और उनकी समस्याओं का समाधान करने पर ध्यान दे रहे हैं। यह प्रयास मानसिक तनाव कम करने और आत्मविश्वास बढ़ाने में सहायक साबित हो रहा है।

महाराष्ट्र के एक काउंसलर ने कहा, “हम यह भी देखते हैं कि अभिभावकों का दबाव भी छात्रों पर भारी पड़ता है। इसलिए काउंसलिंग के दौरान परिवार को भी शामिल कर उनकी समझ बढ़ाई जाती है ताकि वे छात्र के साथ सही तरह से व्यवहार करें।”

विशेषज्ञों का सुझाव है कि NEET UG जैसे प्रतिस्पर्धी परीक्षा की तैयारी में मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है। शैक्षणिक सीखने के साथ-साथ मानसिक सहारा और प्रेरणा छात्र की सफलता की कुंजी बन सकता है।

अंततः, यह स्पष्ट है कि कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों और अभिभावकों को मिलकर मानसिक परामर्श और प्रेरणा को NEET UG की तैयारी का अभिन्न हिस्सा बनाना होगा। तभी अभ्यर्थी ना सिर्फ अकादमिक स्तर पर बल्कि मानसिक रूप से भी मजबूत होकर सफलता हासिल कर सकेंगे।

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