The ranking of casinos not on GamStop on this site covers twenty operators, each with notes on licence, payment options and bonus terms. Fuller reviews follow the list for anyone who wants detail on game providers, VIP tiers and how support handles questions. Most review sites stop at the welcome bonus, but this one goes further. Its guide to non GamStop casinos UK players can join is based on real accounts, with deposits and withdrawals made to see how long payouts take and what verification looks like in practice.

कांग्रेस ने जारी किया घोषणा पत्र- किसानों के लिए अलग बजट

नई दिल्ली : भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के लिए घोषणा पत्र जारी कर दिया है। लोकसभा चुनाव 2019 के लिए घोषणा पत्र में सेना का आधुनिकीकरण,राइट टू फ्री हेल्थकेयर और प्रदूषण के मुद्दे पर वादा किया है। कांग्रेस के घोषणा पत्र का शीर्षक है- Congress Will Deliver यानी हम निभाएंगे।
कांग्रेस के घोषणा पत्र में न्याय यानी न्यूनतम आय योजना ,छोटे उद्यमियों को बढ़ाना और टैक्स में राहत सरीखे वादे किये गए हैं। घोषणा पत्र में कांग्रेस ने कहा है कि वर्ष 2030 तक गरीबी का नामोनिशान मिटाने के लिये कांग्रेस न्यूनतम आय योजना की शुरुआत करेगी, भारत की 20 प्रतिशत सबसे गरीब आबादी को हर साल बहत्तर हजार रुपये (72,000) दिये जायेंगे. कांग्रेस का लक्ष्य होगा कि कोई भी ‘भारतीय परिवार पीछे न छूट जाये.’

कांग्रेस ने घोषणा पत्र में कहा है कि ‘जी.एस.टी. 2.0 युग सभी वस्तुओं एवं सेवाओं पर एक समान, सीमित और आदर्श मापदण्ड के अनुसार होगा. जी.एस.टी. 2.0 नये व्यवसाय और रोजगार पैदा करते हुए विकास गति को बढ़ायेगा।’

घोषणा पत्र में कहा गया है कि’ एम.एस.एम.ई. को ऋण सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए राज्य और क्षेत्रीय स्तर पर नये संस्थानों (छोटे बैंकों) की स्थापना को प्रोत्साहित करेगी, ताकि एम.एस.एम.ई. को ऋण उपलब्ध करवाया जा सके.’ घोषणा पत्र में लिखा गया है- ‘कांग्रेस शहीदों के परिवारों को मुआवजे की नीति तैयार करने और लागू करने का वचन देती है. इस नयी नीति में पूर्ण वेतन और भत्ते शामिल होंगे, बच्चों की शिक्षा के लिए धन तथा शहीद परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी और उपयुक्त मौद्रिक मुआवजा शामिल होगा।’

कांग्रेस ने घोषणा पत्र में LGBT अधिकार, अल्पसंख्यकों के अधिकार, महिला सशक्तिकरण का जिक्र किया है। कांग्रेस ने वादा किया है कि अलग से किसान बजट आएगा. कांग्रेस ने ऐलान किया है कि मनरेगा में 150 दिन का रोजगार मिलेगा। कांग्रेस ने कहा है कि राफेल सहित पिछले पांच साल में भाजपा सरकार द्वारा किये गये सौदों की जांच की जायेगी।

मैनिफेस्टो में कहा गया है कि ‘हम 17वीं लोकसभा के पहले सत्र में और साथ ही राज्यसभा में, उन्मादी भीड़ द्वारा, आगजनी और हत्या जैसे नफरत भरे अपराधों की रोकथाम और दंडित करने के लिये नया कानून पारित करायेंगे। इस कानून में पीड़ितों को मुआवजा देने और लापरवाही के लिए पुलिस और जिला प्रशासन को जिम्मेदार ठहराने के प्रावधान होंगे।’

कांग्रेस ने मैनिफेस्टो में कहा है कि’ पूर्वोत्तर के राज्यों के लिए सिटिजन चार्टर का रिव्यू किया जाएगा इसके साथ पूर्वोत्तर के राज्यों का विकास किया जाएगा’। कांग्रेस ने कहा है कि जम्मू और कश्मीर का विकास उसकी प्राथमिकता में होगा। कांग्रेस ने वादा किया है कि किसानों की ओर से कर्ज न चुकाये जाने पर कोई आपराधिक मुकदमा नहीं चलेगा।

घोषणा पत्र जारी करने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि इस पर एक साल तक काम किया। राहुल ने कहा कि मैंने कहा था कि बंद कमरों में न बनाया जाए घोषणा पत्र, इसमें लोगों की उम्मीदें शामिल किए जाएं और घोषणापत्र में सभी वादे सच्चे हों। कांग्रेस ने वादा किया है कि उनकी सरकार सभी कानूनों की समीक्षा करेगी और उन्हें निरस्त करेगी, जो पुराने पड़ चुके हैं, अन्यायपूर्ण हैं या अनुचित रूप से लोगों की स्वतंत्रता में बाधा पहुंचाते हैं।

इससे पहले कांग्रेस घोषणापत्र समिति के सदस्य राजीव गौड़ा ने कहा कि घोषणापत्र में जनता की आवाज शामिल, कई समितियां बनाई गई.इसके लिए जनता से ऑनलाइन राय भी मांगी गई। वहीं पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि कांग्रेस का घोषणापत्र लाखों लोगों की आवाज है. घोषणापत्र में जो भी पैराग्राफ हैं वो देश की जनता द्वारा लिखी गई हैं. हालांकि हम सभी आवाजों को इस घोषणापत्र में शामिल नहीं कर पाए हैं। चिदंबरम ने कहा कि कांग्रेस की घोषणापत्र का नाम ‘जन आवाज घोषणापत्र’ रखा गया है. इसमें किसान, युवा, महिला, दलित, अल्पसंख्यक, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य सभी वर्गों की बातें शामिल हैं।

पूर्व PM मनमोहन सिंह ने कहा कि आज एक ऐतिहासिक दिन है। हम भारत को एक संपन्न देश बनाना चाहते हैं. घोषणापत्र में शामिल मुद्दे देश के संपन्न बनाने के लिए हैं।

अन्य और नार्थ ईस्ट राज्यों को भी विशेष व्यवस्था देने की इस घोषणा पत्र में कहा गया हैं। नार्थ ईस्ट के राज्यों को विशेष राज्यों का दर्जा दिया जायगा । असम के परिषदों को और भी अधिक बजट दिया जायगा।

घोषणा पत्र कांग्रेस दफ्तर के राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित परिसर में जारी किया गया। घोषणा पत्र के ऐलान के वक्त पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, वरिष्ठ नेता एके एंटनी, पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार, राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत, मध्य प्रदेश के सीएम कमलनाथ, आनंद शर्मा, सुशील कुमार शिंदे, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी समेत अग्रिम पंक्ति के कई नेता मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *