ईयू ने बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए आयु-जांच ऐप को ‘तैयार’ बताया
ब्रसेल्स, बेल्जियम – यूरोपीय संघ ने बच्चों को ऑनलाइन सुरक्षा प्रदान करने के लिए एक नई आयु-जांच ऐप को तैयार होने की घोषणा की है, जो डिजिटल दुनिया में नाबालिगों की सुरक्षा को और सुदृढ़ बनाएगी। इस कदम के तहत, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बच्चों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए यह ऐप एक महत्वपूर्ण उपकरण के रूप में काम करेगा।
पिछले कुछ वर्षों में बढ़ती ऑनलाइन गतिविधियों की वजह से बच्चों को डिजिटल खतरों से बचाने की मांग तेज हुई है। इस दबाव के चलते ब्रसेल्स में अधिकारियों ने कड़े नियम बनाने की दिशा में तेजी दिखाई है ताकि बच्चों के अधिकारों का सम्मान और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
यूरोपीय आयोग के अधिकारियों ने बताया कि विकसित हो रही यह तकनीक सुरक्षित और विश्वसनीय तरीके से उपयोगकर्ता की उम्र प्रमाणित करेगी, जिससे नाबालिगों को अनुचित या खतरनाक ऑनलाइन सामग्री से बचाया जा सकेगा। ऐप की सहायता से ऑनलाइन सेवा प्रदाता बाल संरक्षण के नियमों का पालन बेहतर तरीके से कर सकेंगे।
कमिश्नर ने कहा, “यह ऐप यूरोपीय बच्चों के लिए एक सुरक्षित इंटरनेट का वातावरण सुनिश्चित करने में सहायक होगा। हम डिजिटल दुनिया में उनकी सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हैं।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस पहल से माता-पिता और अभिभावकों को भी राहत मिलेगी क्योंकि उनके बच्चे सुरक्षित डिजिटल स्पेस में रहेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी, जो न केवल उन्हें साइबरधोखाधड़ी, उत्पीड़न और अनुचित सामग्री से बचाएगा, बल्कि उन्हें सुरक्षित और स्वस्थ डिजिटल अनुभव भी प्रदान करेगा। हालांकि, इसके सफल कार्यान्वयन के लिए यूरोपीय संघ के सदस्य देशों को भी अपनी नीतियों में आवश्यक सुधार करना होगा।
यूरोपीय संघ की यह पहल वैश्विक स्तर पर बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर बढ़ते जागरूकता और प्रतिबद्धता की भी एक झलक पेश करती है। डिजिटल दुनिया में बच्चों की सुरक्षा के लिए तकनीकी नवाचारों के साथ-साथ कानूनी और सामाजिक उपायों को भी एक साथ लागू करना आवश्यक होगा।
