डब्ल्यूएचओ ने hantavirus के जोखिम को ‘कम’ माना, जहाज यात्रा के अंत में

WHO keeps evaluation of hantavirus as 'low risk' as ship approaches end of voyage

रॉटरडैम, नीदरलैंड्स – MV Hondius जहाज के रॉटरडैम बंदरगाह पर पहुंचने के साथ, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने हंटावायरस के प्रसार को लेकर अपनी चिंता कम करने का संकेत दिया है। डब्ल्यूएचओ ने इस वायरस के जोखिम को ‘कम’ स्तर पर रखा है, हालांकि सतर्कता आवश्यक बनी हुई है।

MV Hondius हाल ही में एक समुद्री यात्रा पर था, जिसके दौरान हंटावायरस के संदिग्ध मामलों की सूचना मिली थी। हंटावायरस एक वायरल संक्रमण है जो मुख्यतः चूहों के संपर्क में आने से फैलता है और जो फेफड़ों की गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। डब्ल्यूएचओ ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि वर्तमान स्थिति को देखते हुए व्यापक फैलाव की संभावना न के बराबर है।

डब्ल्यूएचओ के प्रवक्ता ने बताया कि जहाज के यात्रियों और चालक दल की स्वास्थ्य जांच जारी है और किसी भी संदिग्ध मामले को तुरंत चिकित्सा सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि संक्रमित व्यक्तियों के तत्काल अलगाव और आवश्यक सावधानियां बरतने से वायरस के फैलाव को रोका जा सकता है।

रॉटरडैम के स्वास्थ्य विभाग ने भी जहाज पहुंचते ही आवश्यक कदम उठाए हैं, जिसमें यात्रियों की स्क्रीनिंग और क्वारंटीन प्रोटोकॉल शामिल हैं। अधिकारियों ने जनता से आग्रह किया है कि वे अफवाहों से बचें और अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें।

यह घटना हंटावायरस जैसी बीमारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर देती है। विशेषज्ञों का कहना है कि चूहों से बचाव तथा साफ-सफाई के नियमों का कड़ाई से पालन आवश्यक है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां वायरस के संक्रमण के मामले सामने आए हों।

हालांकि, डब्ल्यूएचओ ने वर्तमान स्थिति को देखते हुए इसे नियंत्रित और कम जोखिम वाला मामला बताया है। ऐसे में यात्रियों और आम जनता दोनों के लिए घरेलू स्तर पर सावधानी बरतना अहम है। इस बीच, MV Hondius के कर्मचारी और यात्री स्वस्थ पाए गए हैं और आगे की निगरानी जारी रहेगी।

अंततः, यह घटना संपूर्ण स्वास्थ्य तंत्र की तत्परता और वैश्विक सहयोग की आवश्यकता को दर्शाती है, जिससे भविष्य में ऐसे किसी भी संभावित महामारी को समय रहते रोका जा सके।

Source