हरियाणा में लिंगानुपात सुधार उपायों में खराब निगरानी के कारण चार डॉक्टर निलंबित

Haryana suspends four doctors over poor monitoring of sex ratio measures

चंडीगढ़, हरियाणा:

हरियाणा सरकार ने अवैध लिंग निर्धारण गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए अपने कदम तेज कर दिए हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) सुमिता मिश्र ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि वे अवैध सेक्स निर्धारण गतिविधियों के खिलाफ छापेमारी और निरीक्षणों को काफी बढ़ाएं और निगरानी तंत्र को मजबूत करें ताकि इन नियमों के उल्लंघन को जमीनी स्तर पर तुरंत पहचाना जा सके और रोका जा सके।

यह कार्रवाई राज्य में बढ़ते हुए लिंगानुपात असंतुलन को सुधारने और बेटियों को समाज में समान अधिकार दिलाने के लिए अहम कदम मानी जा रही है। सुमिता मिश्र ने कहा कि ‘हमारे लिए यह प्राथमिकता है कि हर जिले में यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी अवैध प्रथा फलफूल न सके। इसके लिए जरूरी है कि जांच-पड़ताल में तेजी लाई जाए और उच्च स्तर की सतर्कता बनाए रखी जाए।’

जिलों को दिए गए निर्देशों में कहा गया है कि वे नियमित रूप से धरपकड़ अभियान चलाएं और अवैध लैब तथा क्लीनिकों की जांच करें, जहां बिना कानूनी अनुमति के गर्भ में लिंग परीक्षण किया जाता हो। राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों सहित सभी जिम्मेदार शामिल हो सकते हैं।

हाल ही में, हरियाणा में चार डॉक्टरों को इस मामले में निलंबित किया गया है क्योंकि वे लिंगानुपात सुधार के उपायों की निगरानी में गिरावट के दोषी पाए गए। यह कदम सरकार के संकल्प को दर्शाता है कि वह किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी।

सरकार की योजना है कि वह प्रदेश भर में जागरूकता अभियानों को भी बढ़ावा दे ताकि लोगों को बेटियों के महत्व और लिंग संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर संवेदनशील किया जा सके। इसके तहत स्थानीय निकायों, शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मिलाकर एक समन्वित प्रयास चलाया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि निरंतर और प्रभावी निगरानी के साथ-साथ जुर्माना एवं दंडात्मक कार्रवाई लागू की जाए, तो लिंगानुपात की समस्या में सुधार संभव है। इस दिशा में हरियाणा सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को व्यापक समर्थन मिल रहा है और उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में प्रदेश में समानता की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी।

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