अभिषेक बनर्जी के खिलाफ ‘चयनात्मक एफआईआर’ पर टीएमसी ने जताई आपत्ति

TMC cries foul over 'selective FIR' against Abhishek Banerjee

कोलकाता, पश्चिम बंगाल । पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी की हार के बाद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने कड़ी आपत्ति जताई है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता घोष ने इस एफआईआर पर सवाल उठाते हुए इसे ‘‘चयनात्मक’’ और ‘‘अनुचित’’ बताया है। उन्होंने कहा कि केवल चुनावी हार के कारण टीएमसी को निशाना बनाना स्वीकार्य नहीं है।

घोष ने संवाददाताओं से कहा, “पार्टी की हार का मतलब यह नहीं कि हमें गलत तरीके से टारगेट किया जाए। अभिषेक बनर्जी के खिलाफ जो एफआईआर दर्ज की गई है, वह पूरी तरह एकतरफा और राजनीतिक प्रतिशोध भावना से प्रेरित नजर आती है। हम इसे कतई स्वीकार नहीं कर सकते।” उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक और पार्टी को समान और निष्पक्ष व्यवहार मिलना चाहिए।

टीएमसी पदाधिकारियों का कहना है कि चुनाव परिणाम के बाद विपक्षी राजनीतिक दलों द्वारा पार्टी के नेताओं को निशाना बनाना व्यवस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। पार्टी की रणनीति इस मामले को उच्चतम न्यायालय तक ले जाने की रही है ताकि राजनीतिक प्रतिशोध के खिलाफ कानून के तहत न्याय सुनिश्चित हो सके।

पश्चिम बंगाल चुनाव में जश्न मनाने वाले विपक्षी दलों ने हालांकि दावा किया है कि एफआईआर कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है और न्यायपालिका स्वतंत्र है। वे कहते हैं कि सभी पक्षों को समान रूप से कानून के तहत आंका जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि राजनीतिक विवादों में कानून का दुरुपयोग लोकतंत्र के लिए खतरनाक साबित हो सकता है और इससे आम जनता का विश्वास शासन व्यवस्था पर प्रभावित हो सकता है। इसलिए सभी पक्षों को संयम बरतते हुए संवैधानिक प्रक्रियाओं का सम्मान करना चाहिए।

टीएमसी की ओर से किए गए प्रयास यह दर्शाते हैं कि पार्टी अपनी छवि और राजनीतिक अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह से तत्पर है। अब यह देखना होगा कि आगे की कानूनी कार्रवाई किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या न्याय व्यवस्था निष्पक्ष और स्वतंत्र तरीके से इस मामले का समाधान कर पाती है।

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