डब्ल्यूएचओ ने कांगो और युगांडा में इबोला प्रकोप को वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति घोषित किया

WHO declares Ebola outbreak in Congo, Uganda a global public health emergency

किंशासा, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कॉन्गो (DRC) – डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कॉन्गो के इतुरी प्रांत में इबोला वायरस के बढ़ते प्रकोप के कारण स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। 16 मई 2026 को शनिवार तक कम से कम तीन स्वास्थ्य क्षेत्रों में 246 संदिग्ध मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें बोनिया, र्वामपारा और मोंग्बवालु प्रमुख हैं।

इतुरी प्रांत में इबोला की पुष्टि होने के बाद स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य संगठनों ने तत्काल प्रतिक्रिया शुरू कर दी है। डब्ल्यूएचओ की टीम सक्रियता से स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दे रही है। रोग के संभावित प्रसार को रोकने के लिए सीमाओं पर स्वास्थ्य जांच बढ़ा दी गई है।

स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि संदिग्ध मामलों की संख्या में वृद्धि चिंता का विषय है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां बुनियादी चिकित्सा सुविधाएं सीमित हैं। उन्होंने स्थानीय लोगों से तुरंत स्वास्थ्य केंद्रों से संपर्क करने और सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने का आह्वान किया है।

इबोला वायरस से संक्रमित होने वाले व्यक्तियों को तेज बुखार, पेट दर्द, दस्त और रक्तस्राव जैसी गंभीर लक्षणों का सामना करना पड़ता है। यह वायरस अत्यंत संक्रामक माना जाता है और उचित रोकथाम नहीं होने पर इसका दायरा तेजी से बढ़ सकता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस प्रकोप को वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल के रूप में घोषित किया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय मदद और संसाधन जुटाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। WHO के प्रतिनिधि ने स्थानीय सरकार को आवश्यक संसाधन मुहैया कराने और जागरूकता अभियान चलाने में मदद देने का आश्वासन दिया है।

स्थानीय समुदायों में भय और अफवाहों को रोकने के लिए स्वास्थ्य एजेंसियां लगातार लोगों को सचेत कर रही हैं कि वे किसी भी संदिग्ध मामले को तुरंत रिपोर्ट करें और सभा-समूहों से बचें। सैनिटेशन और व्यक्तिगत स्वच्छता को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

इस बीच, कई देश भी संक्रमण की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और यात्रियों की जांच में कड़ाई कर रहे हैं ताकि वायरस के प्रसार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोका जा सके। विशेषज्ञों का कहना है कि सामूहिक प्रयास ही इस गंभीर बीमारी पर नियंत्रण पा सकते हैं।

सरकारी डेटा के अनुसार, इतुरी में यह इबोला प्रकोप पिछले महीनों में तेजी से बढ़ा है, जिससे स्वास्थ्य सेवा प्रणाली पर भारी दबाव पड़ा है। इसके अलावा, संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में पहुंच कठिन होने के कारण राहत कार्यों में बाधा आ रही है।

अधिक जानकारी और अपडेट के लिए स्वास्थ्य विभाग और विश्व स्वास्थ्य संगठन की आधिकारिक वेबसाइटों पर नियमित रूप से नजर बनाए रखना जरूरी है। सभी नागरिकों को सतर्क और संयमित रहना होगा ताकि इस आपदा को फैलने से रोका जा सके।

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