IIT जम्मू ने लेह में सेट किया सैटेलाइट कैंपस, कारगिल में पूर्ण आवासीय परिसर विकसित करने की योजना
जम्मू, जम्मू और कश्मीर – भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) जम्मू ने अपने शैक्षणिक विस्तार के तहत लेह में एक सैटेलाइट कैंपस स्थापित करने की घोषणा की है। इसके साथ ही कारगिल में एक पूर्ण आवासीय परिसर विकसित करने की योजना भी जारी है, जिससे क्षेत्र के युवाओं को उच्च तकनीकी शिक्षा के बेहतर अवसर मिलने की संभावना बढ़ेगी।
स्थानीय प्रशासन और IIT जम्मू के अधिकारियों के बीच आज हुई बैठक में विस्तार और विकास के इन प्रस्तावों पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि लेह में बनने वाला सैटेलाइट कैंपस क्षेत्रीय जरूरतों के अनुरूप आधुनिक शिक्षा और अनुसंधान के अवसर प्रदान करेगा। साथ ही, कारगिल में स्थापित किया जाने वाला पूर्ण आवासीय परिसर छात्रों के लिए एक सुरक्षित, प्रेरणादायक और समर्पित शैक्षिक माहौल उपलब्ध कराएगा।
आईआईटी जम्मू के निदेशक की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह कदम क्षेत्रीय विकास और युवाओं के तकनीकी कौशलों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। स्थानीय युवाओं को उच्च गुणवत्ता वाली इंजीनियरिंग और विज्ञान की शिक्षा के साथ-साथ अनुसंधान के व्यावहारिक अवसर मिलेंगे।
लेह और कारगिल के ये परियोजनाएं जम्मू और कश्मीर के शैक्षिक एवं आर्थिक परिदृश्य को बदलने में मददगार साबित होंगी। इससे स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्र में विज्ञान तथा तकनीकी क्षेत्रों की प्रगति को मजबूती मिलेगी।
शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस प्रयास से न केवल जम्मू-कश्मीर में बल्कि पूरे हिमालयी क्षेत्र में उच्च शिक्षा के नए आयाम खुलेंगे। राजकीय और निजी क्षेत्रों की सहभागिता से इन कैंपसों का विकास तेजी से किया जाएगा।
स्थानीय लोगों ने इस घोषणा का स्वागत करते हुए इसे युवाओं के लिए बेहतरीन अवसर बताया। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि इस परियोजना से क्षेत्र के दूर-दराज़ इलाकों में भी शिक्षा की पहुँच बढ़ेगी और उनका समग्र विकास होगा।
इस योजना के तहत शीघ्र ही भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है। IIT जम्मू का यह कदम न केवल शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव लाएगा, बल्कि जम्मू-कश्मीर को एक तकनीकी और शैक्षणिक हब के रूप में विकसित करने में भी सहायक होगा।
इस नए सैटेलाइट कैंपस और आवासीय परिसर के निर्माण से जम्मू-कश्मीर के युवाओं को भारत के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों की सुविधाओं का लाभ सीधे तौर पर प्राप्त होगा। इससे इलाके में छात्रों की संख्या में वृद्धि के साथ-साथ शोध एवं नवाचार को भी बढ़ावा मिलेगा।
