विश्व स्वास्थ्य संगठन ने युवाओं को लक्षित करने वाली निकोटिन पाउच ब्रांड्स को लेकर चेतावनी दी
नई दिल्ली, भारत – विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने निकोटिन पाउच ब्रांड्स द्वारा युवाओं को लक्षित करने वाली बिक्री में तेजी को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। इस रिपोर्ट का निर्माण उन देशों की मांग के जवाब में किया गया है, जो निकोटिन पाउच के बारे में WHO से अधिकृत मार्गदर्शन चाहते थे ताकि वे इस संदिग्ध उत्पाद और इसे लेकर सरकार की उचित प्रतिक्रिया को समझ सकें।
निकोटिन पाउच एक नया रूप है जिसमें सूखे हुए तंबाकू के बजाय निकोटिन युक्त पाउच होते हैं जिन्हें तम्बाकू न खाने वालों या धूम्रपान छोड़ने वालों के लिए बाजार में उतारा जा रहा है। हालांकि इन्हें तंबाकू उत्पाद के रूप में नहीं माना जाता, लेकिन इनका इस्तेमाल युवाओं के बीच अत्यधिक बढ़ा है। WHO ने इस विषय पर विश्व भर के स्वास्थ्य अधिकारियों को आगाह करते हुए कहा है कि निकोटिन पाउच भी प्रतिकूल स्वास्थ्य प्रभाव पैदा कर सकते हैं और ये युवाओं को निकोटिन की ओर आकर्षित कर सकते हैं, जिससे उनका नशे की लत में फंसना आसान हो जाएगा।
WHO की रिपोर्ट में कहा गया है कि निकोटिन पाउच को प्रभावी ढंग से विनियमित किए बिना इसे बाजार में बढ़ावा देना स्वास्थ्य की दृष्टि से खतरनाक हो सकता है। इसके अलावा, इन उत्पादों के प्रचार-प्रसार में यह उल्लेख नहीं किया गया है कि ये आदत लत का कारण बन सकती हैं। खासकर युवाओं में फैशन और विज्ञापन के कारण इन पैकेट्स की मांग में तेज़ी आई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि निकोटिन पाउच का नियमित उपयोग हार्ट, दिमाग और अन्य अंगों को प्रभावित कर सकता है। WHO ने सरकारों से आग्रह किया है कि वे निकोटिन पाउच को समुचित स्वास्थ्य नियमों के अंतर्गत लाएं और बच्चों व किशोरों तक इनकी पहुंच को सख्ती से प्रतिबंधित करें। साथ ही, जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से नागरिकों को इन उत्पादों के खतरों से अवगत कराया जाना चाहिए।
इस रिपोर्ट के प्रकाशन के बाद कई देशों ने अपनी राष्ट्रीय नीति में बदलाव किया है और निकोटिन पाउच उत्पादों पर कड़ाई से नियंत्रण लागू करना शुरू कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि सही कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में यह उत्पाद धूम्रपान के विकल्प की जगह नशे की एक नई आदत बन सकती है।
WHO की यह पहल तंबाकू नियंत्रण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जो युवाओं को स्वास्थ्य संबंधी गंभीर जोखिमों से बचाने के लिए आवश्यक है। निकोटिन पाउच से होने वाले दुष्प्रभावों एवं इनके बढ़ते उपयोग के मद्देनजर ऐसे उत्पादों पर कड़ी निगरानी रखना अनिवार्य हो गया है।
